सर्वोत्तम उदाहरण और सुझाव

सही निवेश सलाहकार का चयन कैसे करें

सही निवेश सलाहकार का चयन कैसे करें
एफडी के अलावा और भी कई विकल्प हैं, जिस पर आप गौर कर सकते हैं और महंगाई के मुकाबले पॉजिटिव रिटर्न हासिल कर सकते हैं.

जब चरम पर हो शेयर बाजार तो कैसा हो निवेशकों का व्यवहार

बाजार में हफ्ता भर पहले तक शानदार तेजी थी और इस समय भी सेंसेक्स 60,000 अंक तथा निफ्टी 18,000 के आसपास कारोबार कर रहे हैं। दोनों सूचकांकों में हल्की फुल्की गिरावट भी आई है मगर पिछले कुछ अरसे में इन्होंने जो उछाल भरी है, उसने निवेशकों और विशेषज्ञों को हैरत में डाल दिया है। दोनों बड़े सूचकांकों में ऐसी तेजी के कारण निवेशक चककर में पड़ गए हैं। उनके दिमाग में दो बातें ही घूम रही हैं। पहली बात यह है कि सूचकांक के रिकॉर्ड स्तरों के बीच उन्हें बिकवाली कर मुनाफा कमाना चाहिए या नहीं? दूसरा सवाल यह है कि बिकवाली कर भी लें तो उससे मिली रकम किस जगह लगाई जाए?


मुनाफावसूली के लिए माकूल?

मुनाफावसूली का सही समय आंकना बहुत मुश्किल होता है। कोरोना महामारी के दौरान एकदम ढह चुके बाजार में दाखिल होने और उछाल के साथ मुनाफा कमाने से जो निवेशक चूक गए थे, उनमें से कई को लगता है कि अगर इस वक्त बाजार से मुनाफा कमाने में उन्होंने कोताही बरत दी तो ऐसा मौका दोबारा हाथ नहीं लगेगा।

कई निवेशकों को यह भी लगता है कि इतनी जबरदस्त तेजी के साथ गिरावट आना तय है, इसलिए बिकवाली कर मुनाफा कमाने का यही माकूल वक्त है।

मगर विशेषज्ञों को कहना है कि हर बार तेजी के बाद बाजार का फिसलना जरूरी नहीं है। सेबी के पास पंजीकृत निवेश सलाहकार कंपनी प्लूटस कैपिटल के मैनेजिंग पार्टनर अंकुर कपूर कहते हैं, 'वित्तीय तंत्र में इस समय नकदी इतनी अधिक है कि बाजार में एकाएक तथा तेज गिरावट की कोई आशंका नजर नहीं आती।'

हालांकि अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व नवंबर से प्रोत्साहन उपायों में कटौती शुरू कर सकता है और उसका रुख भी सख्त हो सकता है।

इस कारण कुछ विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बिकवाली के जरिये अपनी रकम बाजार से निकाल सकते हैं मगर देसी वित्तीय संस्थाएं तथा खुदरा निवेशक शायद ऐसा नहीं करेंगे।

अगर उनका रुख सही रहता है तो बाजार में बड़ी गिरावट नहीं आएगी।

एक पहलू यह भी है कि देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है। बाजार के लिहाज से यह भी सकारात्मक संकेत है। वैलिडस वेल्थ के मुख्य निवेश अधिकारी राजेश चेरुवु कहते हैं, 'आर्थिक वृद्धि तेज होने की संभावनाएं प्रबल होने से बाजार में तेजी बने रहने के ज्यादा कारण नजर आ रहे हैं।'

मगर ज्यादातर विशेषज्ञ मानते हैं कि बाजार में तेजी जारी रहने की सूरत में भी कुछ मुनाफावसूली सही रहेगी। कपूर करते हैं, 'बाजार जिस तरह से दौड़े हैं, उसमें शेयरों में जरूरत से ज्यादा आवंटन हो जाना स्वाभाविक है। इसलिए थोड़ी-बहुत मुनाफावसूली सही रहेगी।'


क्या करें म्युचुअल फंड निवेशक?

अगर निवेशक बिकवाली के जरिये कुछ मुनाफा कमाना चाहते हैं तो उन्हें अपने मूल संपत्ति आवंटन और उप संपत्ति आवंटन को ध्यान में रखते हुए ही ऐसा करना चाहिए। कपूर की राय है, 'शेयर से रकम निकाल लें और उसे डेट फंडों तथा सोने में लगाएं।

इसी तरह अगर स्मॉल कैप और मिड कैप में निवेश आपकी मूल सीमा से अधिक हो गया है तो उसे कम करना ही ठीक रहेगा।'

जो निवेशक सुरक्षा को अधिक महत्त्व देते हैं उन्हें अपेक्षाकृत छोटी अवधि के डेट फंडों में निवेश करना चाहिए। आपने निवेश के लिए जो भी अवधि सोच रखी है, उसी से मिलती जुलती औसत पोर्टाफोलियो अवधि तलाशिए। इससे आपको सही फंड चुनने में मदद मिलेगी। ब्याज दरें बढ़ती हैं तो परिपक्वता अवधि पूरी होने पर इन फंडों का औसत प्रतिफल (यील्ड टू मैच्योरिटी) बढ़ेगा। लंबी अवधि के लिए निवेश करने वाले निवेशक टारगेट मैच्योरिटी फंडों (निश्चित परिपक्वता अवधि वाले म्युचुअल फंड) का चयन कर सकते हैं।

अगर आप बमुश्किल एक वर्ष के लिए निवेश सही निवेश सलाहकार का चयन कैसे करें करना चाहते हैं तो आर्बिट्राज फंडों का चयन करें। ये छोटी अवधि के फंड की तरह ही प्रतिफल दे सकते हैं मगर इन पर कर शेयरों की तरह वसूला जाएगा, इसलिए करोपरांत प्रतिफल निश्चित रूप से बेहतर होगा। कपूर कहते हैं, 'दो से तीन वर्षों के लिए निवेश करना चाहते हैं तो परंपरागत हाइब्रिड फंड पर दांव खेल सकते हैं। ये फंड 10 से 25 प्रतिशत तक आवंटन शेयरों में करते हैं।'

कपूर उन फंडों में निवेश की सलाह देते हैं जो अपने इक्विटी पोर्टफोलियो का ज्यादातर हिस्सा अधिक लाभांश देने वाले शेयरों में निवेश करते हैं।

कपूर के अनुसार ऐसे फंड 7.0-7.5 प्रतिशत तक प्रतिफल दे सकते हैं। लेकिन जो लोग महज एक वर्ष के लिए निवेश करते हैं, उन्हें अपनी रकम फौरन शेयरों से निकाल लेनी चाहिए और फिक्स्ड इनकम वाली सुरक्षित योजनाओं में लगा देनी चाहिए।

बाजार में जो तेजी आई है, उसका फायदा निवेशक एक और तरीके से उठा सकते हैं। वे म्युचुअल फंडों में अपने निवेश की गुणवत्ता सुधारने के लिए इस तेजी का इस्तेमाल कर सकते हैं। चेरु वु कहते हैं, 'कई ऐसे फंड भी इस समय चढ़ गए हैं, जो प्रदर्शन के लिहाज से पिछड़े ही रहे थे। यही सही मौका है।

उनसे रकम निकालिए और बेहतर गुणवत्ता वाले इक्विटी फंडों में लगा दीजिए।' वह उन फंडों से भी निवेश निकालने की सलाह देते हैं जिनकी प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति (एयूएम) काफी अधिक हो गई है। चेरुवु कहते हैं, 'ऐसे फंड बाजार में बदले हालात के अनुसार अपने पोर्टफोलियो में बदलाव नहीं कर पा रहे हैं। इन फंडों से निकल जाइए और उचित आकार वाले फंडों में निवेश कीजिए।'

खुदरा निवेशकों को इस वक्त थीमैटिक और सेक्टोरल फंडों में निवेश करने की गलती नहीं करनी चाहिए। फिलहाल इनमें से कई फंडों का पिछला प्रतिफल काफी आकर्षक दिखाई दे रहा है। मगर उनमें निवेश करने पर आपके पोर्टफोलियो को चोट लगने की आशंका बहुत अधिक है।


शेयरों पर सीधे दांव कैसे खेलें?

जो निवेशक ज्यादा जांच-पड़ताल किए बगैर सीधे शेयरों पर दांव खेल जाते हैं, उन्हें बिकवाली कर बाजार से इसी वक्त बाहर निकल जाना चाहिए। कपूर कहते हैं, 'इन निवेशकों ने अभी तक काफी पैसा बनाया है, जो उनके हुनर की वजह से नहीं बल्कि किस्मत की वजह से आया है। उन्हें तत्काल मुनाफावसूली करनी चाहिए और बाजार से निकल जाना चाहिए।' कपूर मानते हैं कि कई शेयरों का बाजार मूल्यांकन बेतुके स्तर तक पहुंच गया है। पूरे बाजार में गिरावट बेशक नहीं आए, इन शेयरों में गिरावट जरूर आ सकती है। कपूर कहते हैं, 'गिरावट तो आएगी ही और जब गिरावट शुरू होगी तो इन निवेशकों को उसकी वजह ही समझ नहीं आएगी। वजह समझ नहीं आएगी तो शेयर कब बेचने चाहिए, यह भी पता नहीं चलेगा और घाटा हो जाएगा।'

शेयरों में सीधे निवेश करने वाले जो निवेशक जोखिम से महफूज रहना चाहते हैं, उन्हें लार्ज-कैप ब्लू चिप शेयरों में रकम लगा देनी चाहिए। कपूर कहते हैं, 'ये शेयर महंगे होते हैं, इसलिए निकट भविष्य में इनसे भारी प्रतिफल नहीं मिलता। मगर आपकी रकम इनमें सुरक्षित रहती है।' जो निवेशक शेयरों में सीधे रकम लगाने के हुनर में माहिर हैं, वे खुद शोध कर सकते हैं और उसी के मुताबिक बदलाव कर अपने पोर्टफोलियो में तेजी से चढऩे वाले शेयर शामिल कर सकते हैं। चेरुवु कहते हैं, 'उम्दा शेयरों का पिछला प्रदर्शन शानदार रहा है मगर ग्रोथ ओरिएंटेंड शेयरों का प्रदर्शन उनसे भी बेहतर रह सकता है।' वह निवेशकों को कर्ज बोझ से दबी कंपनियों के शेयरों में निवेश करने से आगाह करते हैं मगर 1:1 डेट टू इक्विटी अनुपात वाले शेयरों में निवेश किया जा सकता है।

निवेश कार्यक्रम के माध्यम से ब्रिटेन का नागरिक बनना

स्थायी निवास की अनुमति और ब्रिटेन की नागरिकता का मार्ग

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सक्रिय और यूके के कारोबार में निवेश

एक और 2 साल के लिए रहने का विस्तार

£ 2 मिलियन / £ 5 मिलियन / £ 10 मिलियन के निवेश विकल्प

2-5 वर्षों के लिए स्थायी निवास का अधिकार

वीजा 3 साल और 4 महीने के लिए वैध है

5-6 वर्षों के भीतर नागरिकता के योग्य होना

अवलोकन

टीयर 1 (निवेशक) वीजा यूके में निवेश करने के लिए कम से कम £ 2,000,000 तक पहुंच वाले व्यक्तियों के लिए एक मार्ग है, और यह केवल यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र और स्विट्जरलैंड के बाहर के आवेदकों के लिए लागू है। प्रारंभिक वीजा 3 साल और 4 महीने (ब्रिटेन में संसाधित होने पर 3 वर्ष) के लिए दिया जाता है। इस समय के बाद, आवेदक 2 साल के विस्तार के लिए आवेदन कर सकते हैं बशर्ते कि वे पात्रता मानदंडों को पूरा करते हों। ज्यादातर मामलों में, यूके निवासी बनने के लिए, आपको कम से कम बुनियादी अंग्रेजी बोलने की आवश्यकता होगी, अपनी शिक्षा और अनुभव का प्रदर्शन करें और यूके के आव्रजन अधिकारियों के अन्य मानदंडों को पूरा करें। हालाँकि, टियर 1 इन्वेस्टर वीज़ा के लिए आवेदक इस नियम के अपवाद हैं।

Investment Tips: 5-10 लाख रुपये हैं, कहां निवेश करें? एफडी के अलावा इन चार विकल्पों में मिलेगा शानदार रिटर्न

एफडी के अलावा और भी कई विकल्प हैं, जिस पर आप गौर कर सकते हैं और महंगाई के मुकाबले पॉजिटिव रिटर्न हासिल कर सकते हैं.

Investment Tips: 5-10 लाख रुपये हैं, कहां निवेश करें? एफडी के अलावा इन चार विकल्पों में मिलेगा शानदार रिटर्न

एफडी के अलावा और भी कई विकल्प हैं, जिस पर आप गौर कर सकते हैं और महंगाई के मुकाबले पॉजिटिव रिटर्न हासिल कर सकते हैं.

Investment Tips: अगर आपके पास 5-10 लाख रुपये की एकमुश्त रकम है तो इसे कहां निवेश करेंगे? लंबे समय से फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) निवेश का बेहतर विकल्प माना जाता रहा है क्योंकि यह सुरक्षित और सुनिश्चित रिटर्न देने वाला है. हालांकि इंफ्लेशन को देखते हुए एफडी पर वास्तविक रिटर्न आपका पैसा बढ़ाने की बजाय घटा रहा है. ऐसे में एफडी के अलावा और भी कई विकल्प हैं, जिस पर आप गौर कर सकते हैं और महंगाई के मुकाबले पॉजिटिव रिटर्न हासिल कर सकते हैं. यहां ऐसे ही चार निवेश विकल्पों के बारे में जानकारी दी जा रही है.

Index Funds

अगर आपने स्टॉक्स में निवेश अभी शुरू ही किया है और अपने लिए बेहतर शेयर का चयन करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं तो इंडेक्स फंड्स निवेश का बेहतर विकल्प है. यह उस समय भी बेहतर विकल्प के रूप में है, अगर आप अपने लिए बेहतर म्यूचुअल फंड का चयन नहीं कर पा रहे हैं. इंडेक्स फंड किसी इंडेक्स को ट्रैक करता है. जैसे कि निफ्टी इंडेक्स 50 बड़ी कंपनियों का इंडेक्स है और निफ्टी इंडेक्स को खरीदने का मतलब है कि निफ्टी के बराबर आपको रिटर्न मिल सकता है.

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Sovereign Gold Bonds

गोल्ड खरीदने का सबसे बेहतर तरीका अब सोवरेन गोल्ड बॉन्ड्स है. यह एक तरह से 999 शुद्धता वाले गोल्ड को डिजिटल तरीके से खरीदने जैसा है और इस पर जो कैपिटल गेन होगा, उस पर टैक्स भी नहीं चुकाना होगा. इसके अलावा 2.5 फीसदी निश्चित ब्याज भी मिलेगा. केंद्रीय बैंक आरबीआई केंद्र सरकार के बिहाफ पर गोल्ड बॉन्ड को कई किश्तों में जारी करती है और इसके जरिए गोल्ड में आप निवेश कर सकते हैं. 2.5 फीसदी का सालाना ब्याज हर छह महीने पर मिलेगा. इसमें सिर्फ एक ही दिक्कत है कि एसजीबी में निवेश पर 8 साल का लॉक इन है लेकिन अगर पैसों की आपको जरूरत है तो इसे सेकंडरी मार्केट में बेचने का भी विकल्प है.

REITs

अगर 5-10 लाख में कोई घर नहीं खरीद सकते हैं लेकिन रीयल एस्टेट से जरूर कमा सकते हैं. रीयल एस्टेट इंवेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT) एक म्यूचुअल फंड की तरह है जिसमें निवेशकों के पैसों का पूल बनाकर पार्क, मॉल जैसी कॉमर्शियल संपत्तियां खरीदी जाती है. यह ऐसी कंपनियां द्वारा लॉन्च किया जाता है जिनके पास कॉमर्शियल संपत्तियां होती हैं या ऑपरेट करती हैं या फाइनेंस करती हैं. इसमें अंडरलाइंग प्रोजेक्ट्स की कीमतों में बढ़ोत्तरी और किराए के जरिए पैसे बढ़ते हैं. एक यूनिट होल्डर के तौर पर आपको डिविडेंड और REIT की बढ़े भाव के रूप में कमाई होगी. इस विकल्प के जरिए बिना कोई संपत्ति खरीदे एक तरह से आप किसी प्रॉपर्टी के मालिक बनते हैं. हालांकि इसे खरीदते समय सावधानी बरतें क्योंकि अंडरलाइंग एसेट्स अच्छे हैं, तभी आपको फायदा मिलेगा.

सरकारी बचत योजनाएं

सरकारी छोटी बचत योजनाएं भी निवेश के लिए बेहतर विकल्प हैं. जैसे कि पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड), पोस्ट ऑफिस सेविंग्स स्कीम, किसान विकास पत्र (केवीपी) इत्यादि. इसमें निवेश का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इस पर सरकार की गारंटी रहती है, बेहतर दरों पर ब्याज मिलता है और निवेश/मेच्योरिटी पर टैक्स बेनेफिट्स भी मिलता है. इसमें बस लॉक इन पीरियड की दिक्कत आपको दिख सकती है जैसे कि पीपीएफ में 15 साल का लॉक इन है. हालांकि अगर आप अपने पैसे को डेट में लगाना चाहते हैं तो छोटी बचत योजनाएं शुरुआत के लिए बेहतर है.
(Arricle: Kanika Agarwal, Co-founder of Upside AI, ML-backed PMS Firm)

(यह लेख जानकारी के लिए है और फाइनेंशियल एक्सप्रेस ऑनलाइन इनकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने सलाहकार से सलाह लें.)

निवेश कैसे करें

शेयर बाजार में निवेश करने के कई तरीके हैं। आप या तो ऑनलाइन निवेश के माध्यम से अपना पैसा सही निवेश सलाहकार का चयन कैसे करें बनाने का प्रयास कर सकते हैं या किसी वित्तीय सलाहकार को नियुक्त कर सकते हैं। आप रोबो-सलाहकार को किराए पर लेना भी चुन सकते हैं। लेकिन, इससे पहले कि आप निवेश करना शुरू करें, आपको Bitcoin Smarter App ।

शेयरों में निवेश की मूल बातें

एक व्यक्तिगत निवेशक के रूप में, आप सीधे किसी कंपनी से या अपनी पसंद के ब्रोकरेज के माध्यम से शेयर खरीदना चुन सकते हैं। हालांकि, शेयरों में निवेश जोखिम के साथ आता है। अपना पैसा निवेश करने से पहले आपको अपनी वित्तीय स्थिति और निवेश लक्ष्यों पर विचार करना चाहिए। इसके अलावा, आपको निवेश शुरू करने से पहले किसी भी कर्ज और चल रहे बिलों का ध्यान रखना चाहिए।

शेयरों में निवेश एक वित्तीय भविष्य स्थापित करने का एक शानदार तरीका है, लेकिन इस पर तभी विचार किया जाना चाहिए जब आप अपने सभी आधारों को कवर कर लें। उदाहरण के लिए, स्टॉक खरीदना शुरू करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके पास एक बड़ा आपातकालीन फंड और पर्याप्त बचत खाता है। इससे आपको कर्ज में जाने से बचने में मदद मिलेगी और आपको मानसिक शांति मिलेगी।

रोबो-सलाहकार चुनना

जब आप निवेश करने के लिए नए हों, तो आप अपने पैसे का प्रबंधन करने के लिए रोबो-सलाहकार का उपयोग करने पर विचार कर सकते हैं। ये स्वचालित कार्यक्रम सीमित मेनू से फंड का चयन करते हैं जो आपके जोखिम सहनशीलता और लक्ष्यों से मेल खाते हैं। सॉफ्टवेयर आपके निवेश की निगरानी भी करता है और आवश्यकतानुसार उन्हें पुनर्संतुलित करता है। वे आपकी प्रगति को ट्रैक करने के लिए टूल भी प्रदान करते हैं, आपको योगदान जोड़ने देते हैं, और आपको नए लक्ष्य निर्धारित करने देते हैं।

के बारे में कुछ सरल प्रश्नों के उत्तर देने की आवश्यकता होती है वित्तीय लक्ष्यों । फिर, प्रोग्राम उन लक्ष्यों को पूरा करने वाले पोर्टफोलियो के साथ आने के लिए अपने एल्गोरिदम लागू करता है। आमतौर पर, इन सिफारिशों में ईटीएफ और म्यूचुअल फंड का मिश्रण शामिल होगा। सॉफ्टवेयर आपको इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर, मोबाइल चेक डिपॉजिट या वायर ट्रांसफर के जरिए अपने खाते में फंड करने देगा।

यदि आप सही तरीके से निवेश करना चाहते हैं और अपने पैसे का अधिकतम लाभ उठाना चाहते हैं तो निवेश करने से पहले अपनाआपको यह जानना होगा कि बाजार कैसे काम करता है और क्या यह आपके लक्ष्यों को पूरा करता है। आप इस जानकारी का उपयोग अपनी निवेश प्रवृत्ति को विकसित करने के लिए भी कर सकते हैं। वित्तीय सलाहकार जॉन नेफ के अनुसार, एक ऐसी कंपनी में निवेश करना जो कम मूल्य की हो और जब तक उसके वास्तविक मूल्य की पहचान न हो जाए, तब तक उसे रखना पैसा कमाने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है।

उपयोगी शोध सामग्री में कंपनी के वित्तीय विवरण शामिल हैं। ये आपको इसके तिमाही वित्तीय प्रदर्शन का एक अच्छा विचार देंगे। सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनियों के बारे में जानकारी के लिए आप उद्योग अनुसंधान प्रकाशनों से भी परामर्श कर सकते हैं। आप जिन संभावित कंपनियों में निवेश करना चाहते हैं, उन्हें खोजने के लिए आप शोध सेवाओं का लाभ भी उठा सकते हैं।

एक वित्तीय सलाहकार प्राप्त

करना एक सफल निवेश रणनीति बनाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक निवेश सलाहकार आपको निवेश की बुनियादी बातों के बारे में शिक्षित कर सकता है और भविष्य के लिए लक्ष्य निर्धारित करने में आपकी मदद कर सकता है। वे आपके लक्ष्यों तक पहुँचने के आपके प्रयासों के लिए एक जयजयकार के रूप में भी सही निवेश सलाहकार का चयन कैसे करें कार्य कर सकते हैं। सौभाग्य से, ऐसे कई निवेश पेशेवर हैं जो आपके साथ निःशुल्क और आपके सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए काम करने के इच्छुक हैं।

एक वित्तीय सलाहकार को काम पर रखने से पहले, अच्छे संबंध सुनिश्चित करने के लिए कुछ सरल कदम उठाएं। सबसे पहले, प्रतिभूति नियामकों के साथ व्यक्ति की साख और उनके रिकॉर्ड पर शोध करें। इसके अलावा, उसके मुआवजे के मॉडल के बारे में पूछें। अंत में, किसी एक को चुनने से पहले कई संभावित वित्तीय सलाहकारों से मिलें। यदि आपकी पहली पसंद आपके लिए सही नहीं लगती है, तो दूसरे पर जाने से न डरें।

छोटे निवेश से शुरुआत करें

यदि आप निवेश करने के लिए नए हैं, तो एक छोटा निवेश पर्याप्त हो सकता है। पहला निवेश आम तौर पर एक स्टॉक खरीद है। आपके पास कितना है, इस पर निर्भर करते हुए, आप $5 जितना या कम से कम $20 का निवेश कर सकते हैं। आपके द्वारा निवेश की जाने वाली राशि आपकी निवेश रणनीति , आपके द्वारा खोले जाने वाले खाते के प्रकार और आपके द्वारा निवेश की जाने वाली प्रतिभूतियों के प्रकार को निर्धारित करेगी। निवेश शुरू करना संभव है, भले ही आपके पास छात्र ऋण, क्रेडिट कार्ड या बंधक जैसी अन्य प्रमुख वित्तीय प्रतिबद्धताएं हों। .

आरंभ करने की कुंजी धैर्य रखना और आपात स्थिति के लिए एक घोंसला अंडा बनाने की दिशा में काम करना है। उदाहरण के लिए, यदि आपके पास तीन से छह महीने के खर्च का आपातकालीन कोष है, तो आप उस राशि से निवेश करना शुरू कर सकते हैं। यह आपको अधीर होने और जल्दी पैसा कमाने की कोशिश करने से रोकेगा।

SIP Power: 500 से करें निवेश की शुरुआत, 5 साल में बदल जाएगी चाल, फिर देखते ही देखते बन जाएंगे करोड़पति!

आज तक लोगो

आज तक 12-10-2022 https://www.aajtak.in

मेरी सैलरी (Salary) बहुत कम है, मैं करोड़पति (Crorepati) कभी नहीं बन सकता. 10-20 हजार रुपये महीने कमाने वाले कैसे करोड़पति बन सकता है? अधिकतर लोगों की यही शिकायतें होती हैं. हालांकि हर कोई चाहता है कि उसके पास रिटायरमेंट के बाद बड़ा फंड हो. लेकिन ये तभी संभव हो पाएगा जब आप निवेश की राह पर चलेंगे.

निवेश के लिए पहला कदम बढ़ाने के लिए मोटी रकम की जरूरत नहीं होती है. आप हर महीने नियमित तौर पर एक छोटी राशि निवेश कर बड़ा फंड जुटा सकते हैं. क्योंकि कुछ लोग निवेश की बात आते ही कहते हैं कि सैलरी थोड़ी बढ़ जाएगी, तब निवेश करेंगे. लेकिन उनके लिए वो वक्त कभी नहीं आता. वहीं कुछ लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि निवेश की शुरुआत कैसे करें, बेहतर रिटर्न के लिए कहां पैसे लगाएं?

500 रुपये से करें निवेश की शुरुआत

अगर आप भी घर, गाड़ी, बच्चों की पढ़ाई, उनकी शादी या फिर अपने रिटायरमेंट के लिए प्लान कर रहे हैं, तो केवल 500 रुपये से निवेश की शुरुआत कर लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं. लेकिन इसके लिए आपको लगातार वर्षों तक निवेश करना होगा.

दरअलस, बेहतर रिटर्न को देखते हुए आज के दौर में वित्तीय सलाहकार निवेशकों को म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश की सलाह देते हैं. म्यूचुअल फंड में निवेश करना बेहद आसान है. किसी भी उम्र के लोग म्‍यूचुअल फंड में SIP कर सकते हैं. लेकिन कम उम्र में निवेश की शुरुआत करने पर लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है. म्यूचुअल फंड में SIP तीन तरीके से शुरू कर सकते हैं.

पहला- म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) एजेंट के जरिये.

दूसरा- ब्रोकर से ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट खोलकर SIP करें.

तीसरा- म्यूचुअल फंड के डायरेक्ट प्लान में निवेश.

सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (SIP) म्यूचुअल फंड में निवेश का एक तरीका है. इसके जरिये निवेश पर अच्छा रिटर्न (Return) पाना आसान हो जाता है. SIP के जरिए किसी भी डायवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड (Diversified Mutual fund) में निवेश किया जा सकता है.

अगर आपको बड़ा फंड चाहिए तो निवेश को हर महीने जारी रखना पड़ेगा. इसके अलावा आमदनी बढ़ने के साथ निवेश की राशि को भी बढ़ाने की जरूरत होगी. उदाहरण के तौर के अगर कोई 25 साल का युवा 500 रुपये से म्यूचुअल फंड में निवेश की शुरुआत करता है, तो उसे हर 6 महीने में कम से कम 500 रुपये का निवेश बढ़ाना होगा.

© आज तक द्वारा प्रदत्त कैसे बनें करोड़पति?

इस तरह से 5 साल के बाद यानी 30 की उम्र में निवेश की राशि बढ़कर 5000 रुपये महीने हो जाएगी. जब आप शुरुआती दो साल के रिटर्न को देखेंगे तो उससे आपका निवेश के प्रति उत्साह बढ़ेगा.

उदाहरण के लिए अगर कोई 30 की उम्र से म्यूचुअल फंड में अगले 30 साल तक हर महीने 5000 रुपये का निवेश करता है, तो उसे 60 साल की उम्र में 1,76,49,569 रुपये मिलेगा. यह आंकलन 5 हजार रुपये महीने के निवेश पर 12% ब्याज हिसाब से लगाया गया है. अगर उसपर 15 फीसदी का ब्याज मिलता है तो फिर रिटर्न बढ़कर 3,50,49,103 रुपये हो जाएगा. वहीं अगर ब्याज 10 फीसदी भी मिलता है तो 5 हजार रुपये महीने के निवेश पर 30 साल के बाद कुल 1,13,96,627 रुपये रिटर्न मिलेगा.

गिरावट में घबराएं नहीं

एक्सपर्ट की मानें तो अगर नजरिया लंबा (Long Term) है तो फिर म्यूचुअल फंड निवेशक को नहीं घबराना चाहिए. शेयर बाजार में गिरावट का असर आपके पोर्टफोलियो पर दिखेगा. लेकिन ये शॉर्ट टर्म के लिए होता है.

हालांकि कुछ म्यूचुअल फंड ने उम्मीद के मुताबिक रिटर्न (Return) नहीं दिए हैं. छोटे निवेशकों के लिए फंड का चुनाव करना सबसे मुश्किल काम होता है, क्योंकि सही फंड का चयन करने के लिए काफी शोध की जरूरत होती है. इसलिए म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले सभी पहलुओं पर विचार करें. किसी वित्तीय जानकार से सलाह जरूर लें. क्योंकि म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन होता है.

म्यूचुअल फंड कंपनियां निवेशकों से पैसे जुटाती हैं और उसका एक बड़ा हिस्सा शेयर बाजारों में निवेश करती हैं. इसके बदले म्यूचुअल फंड निवेशकों से चार्ज लेती हैं. खासकर जो लोग शेयर बाजार में निवेश के बारे में बहुत नहीं जानते, उनके लिए म्यूचुअल फंड निवेश का अच्छा विकल्प है.

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