ट्रेडिंग विचार

अमेरिकन एक्सचेंज

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Gandhi-King scholarly exchange initiative : गांधी-किंग स्कॉलरली एक्सचेंज इनिशिएटिव

यह पहल महात्मा गाँधी के अहिंसा के सिद्धांतों पर स्थापित संघर्ष समाधान के ऊपर एक विकास प्रशिक्षण प्रणाली स्थापित करने और भारत में सामाजिक, पर्यावरणीय तथा स्वास्थ्य सम्बन्धित चिंताओं को दूर करने के लिए एक आधार स्थापित करने का प्रयास करेगा.

अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट ने गांधी किंग विद्वानों के आदान-प्रदान की पहल शुरू की थी इस पहल के तहत 20 नौजवान, हुनरमंद, सिविक लीडर को इंडिया और अमेरिका दोनों ही देशों से लिया जाएगा और गांधी के साथ डॉक्टर मार्टिन लूथर किंग जूनियर के विरासत के बारे में पढ़ाया जाएगा। इस एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए लोगों के बीच जागरूकता सिविक राइट विंग लीडर जॉन लुइस जिनका निधन जुलाई 2020 में हुआ उन्होंने शुरू की थी। इस प्रोग्राम को स्पॉन्सर इंडियन अमेरिकन कांग्रेस मैन अमी बेरास द्वारा किया जाएगा जिसके ऊपर सितंबर 2020 में ही अमेरिका के फॉर्मर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साइन किए थे । हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और डॉक्टर मार्टिन लूथर किंग के इतिहास और उनकी विरासत को रेखांकित करने के लिए यह पहल शुरू की गई है। तो चलिए जानते हैं इस पहल से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें और साथ ही गांधी और मार्टिन लूथर किंग के बीच समानताओं के बारे में- यदि आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की तलाश कर रहे हैं, तो आप हमारे जनरल अवेयरनेस ई बुक डाउनलोड कर सकते हैं FREE GK EBook- Download Now.


पूरा मामला -

अमेरिका की कांग्रेस कमिटी ने वर्ष 2009 में अमेरिकी नागरिक अधिकार नेता और कानूनविद जॉन लुईस की भारत यात्रा से प्रेरित एक विधेयक पारित किया था.
जॉन लुईस ने डॉ मार्टिन लूथर किंग जूनियर की भारत यात्रा की 50 वीं वर्षगाँठ के मौके पर भारत का दौरा किया था. जॉन लुईस द्वारा लिखित इस बिल को तब कांग्रेस समिति द्वारा 29 जुलाई को मंजूरी दी गयी थी. मंगलवार को इस विधेयक को पारित कर दिया गया है. यह दोनों देशों के बीच सम्बन्ध को और मज़बूत करेगा. यह बिल अमी बेरा द्वारा सह प्रायोजित है.
यह विधेयक भारत सरकार तथा अमेरिकी सरकार को दोनों देशों के छात्रों के लिए एक वार्षिक शैक्षणिक मंच की स्थापना करने का अधिकार देता है जो दोनों महान हस्तियों के काम और विरासत का अध्ययन करेगा.

यह विधेयक महात्मा गाँधी के अहिंसा के सिद्धांतों पर स्थापित संघर्ष समाधान के ऊपर एक विकास प्रशिक्षण प्रणाली स्थापित करने और भारत में सामाजिक, पर्यावरणीय तथा स्वास्थ्य सम्बन्धित चिंताओं को दूर करने के लिए एक आधार स्थापित करने का प्रयास करेगा. बिल में यूएस इन्डिया, गाँधी किंग डेवलपमेंट फाउंडेशन की स्थापना की गयी है.

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जॉन लुईस कौन थे ?

जॉन लुईस अमेरिकी राजनेता और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता थे. उन्होंने महात्मा गाँधी तथा मार्टिन लूथर किंग जूनियर के दर्शनों को लागू करने के लिए गाँधी-किंग एक्सचेंज अधिनियम बनाया था.

यूएस स्टॉक्स - मोबाइल स्टॉक

स्क्रीनशॉट की इमेज

यह ऐप अमेरिकी शेयर बाजारों के स्टॉक कोट्स, चार्ट और अमेरिकन एक्सचेंज समाचारों को ट्रैक करना आसान बनाता है। यह आपको नवीनतम स्टॉक की कीमतों, समाचारों और चार्टों की जांच करने की अनुमति देता है और संयुक्त राज्य अमेरिका में नैस्डैक, न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (एनवाईएसई), और अमेरिकन स्टॉक एक्सचेंज (एएमईएक्स) से सभी शेयरों को ट्रैक करने के लिए एक बहुत ही उपयोगी और मैत्रीपूर्ण है। मुख्य विशेषताएं अमेरिकन एक्सचेंज इस प्रकार हैं:

- यूएस और स्टॉक और ईएफ़टी उद्धरण, रुझान चार्ट और व्यावसायिक समाचार प्रदान करें।
- स्टॉक की विस्तृत जानकारी स्टॉक कोट्स, ओपन प्राइस, प्राइस रेंज, ईपीएस ट्रैकर, पी / ई राशन, बीटा, मार्केट कैपिटलाइज़ेशन, वॉल्यूम और शेयरों के रूप में समर्थित है।
- संबंधित स्टॉक समाचार याहू न्यूज से उपलब्ध हैं।
- अपने पोर्टफोलियो के लिए लाभ पर नज़र रखना।
- डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज, नैस्डैक कंपोजिट और एसएंडपी 500 स्टॉक इंडेक्स का समर्थन करें।
- विश्व में विश्व सूचकांक प्रदान किए जाते हैं।
- प्रमुख विनिमय दर (मुद्रा) प्रदान की जाती है।
- स्टॉक प्रतीकों को हटाने, जोड़ने, फिर से ऑर्डर करने की क्षमता के साथ अनुकूलन योग्य सूची।
- स्टॉक सूची में स्टॉक खोजने और जोड़ने की क्षमता।
- स्टॉक सूची के लिए दो पृष्ठ प्रदान करें।
- उत्कृष्ट यूआई डिजाइन।
- स्टॉक कोट्स के लिए एक बड़ा और स्पष्ट टेक्स्ट।
- 28 वित्तीय ब्लॉगों को जोड़ा जा सकता है।
- उपयोगकर्ता को स्टॉक जानकारी ब्राउज़ करने के लिए वित्त वेबसाइटें प्रदान की जाती हैं।

वित्तीय वेबसाइट हाइपरलिंक्स:
1. न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज।
2. NASDAQ स्टॉक अमेरिकन एक्सचेंज मार्केट।
3. एस एंड पी 500।
4. गूगल वित्त।
5. रॉयटर्स - यूएस स्टॉक मार्केट न्यूज।
6. सीएनएन मनी।
7. याहू फाइनेंस।

वित्तीय ब्लॉग हाइपरलिंक्स:
1. एक पंक्ति में वित्तीय बतख।
2. सुधारित ब्रोकर।
3. सामान्य ज्ञान का धन।
4. वित्तीय समुराई।
5. वॉल स्ट्रीट को पार करना।
6. अनजान निवेशक।
7. निश्चित लाभांश।
8. द बिग पिक्चर।
9. अच्छे वित्तीय सेंट।
10. असामान्य रिटर्न।
11. वैल्यूवॉक।
12.अप्रासंगिक निवेशक।
13. चट्टानों का परिप्रेक्ष्य।
14. कॉलेज निवेशक।
15. मिश टॉक।
16. निवेश हेवन।
17. 40 तक सेवानिवृत्त।
18. जेएल कॉलिन्स।
19. जीरो हेज।
20. उपन्यास निवेशक।
21. प्रेमी निवेशक।
22. उद्यमी निवेशक।
23. 30 के तहत पैसा।
24. धीरे-धीरे अमीर बनें।
25. कुछ भी वहन करें।
26. फ्री मनी फाइनेंस।
27. नकद धन जीवन।

शेयर बाजार अवसरों और खतरों से भरा है। सभी प्रिय मित्रों, कृपया किसी भी निवेश से सावधान रहें। चाहे आप छोटी, मध्यम या लंबी अवधि में निवेश करते हैं, ईमानदारी से अनुशंसा करते हैं कि आपको स्टॉक से संबंधित तकनीकों और शेयर बाजारों में जानकारी से परिचित होना चाहिए। इसके अलावा, आपको किसी भी समय अपने स्टॉक की समीक्षा करने के लिए एक सरल और उपयोगी स्टॉक टूल की भी आवश्यकता होगी। आशा है कि हमारे द्वारा प्रदान किया गया स्टॉक सॉफ़्टवेयर आपके निवेश के लिए सहायक हो सकता है।

अंत में, यह माना जाता है कि सभी स्टॉक की जानकारी सत्य और विश्वसनीय है, हालांकि, सभी सूचनाओं की सटीकता की गारंटी नहीं दी जा सकती है। प्रदान की गई सभी जानकारी को केवल अकादमिक सूचना उद्देश्यों के रूप में समझा जाना चाहिए, न कि निवेश सलाह। इसके अलावा, सभी वेब पेज ब्राउज़र द्वारा दिखाए जाते हैं। सभी गोपनीयता या खाता सेटिंग्स वेबसाइटों से पूछी जाती हैं, इस ऐप से नहीं। यदि वेबसाइटों से कोई अस्वीकरण है, तो कृपया प्रवेश करने से पहले उसे समझ लें।

बिखर गया अमेरिकी शेयर बाजार, क्या आज भारतीय बाजार में भी मचेगा हाहाकार?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में खुदरा महंगाई अगस्त महीने में 8.3 फीसदी पर रही. अमेरिकी बाजार में फूड आइटम्स और एनर्जी प्राइसेज में काफी उथल-पुथल देखी जा रही है. इसी कारण खुदरा महंगाई में तेजी देखी जा रही है. जानकारों को महंगाई दर 8.1 फीसदी रहने की उम्मीद थी. इसी कारण बाजार में भारी बिकवाली का दौर देखने को मिला.

बिखर गया US बाजार

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 सितंबर 2022,
  • (अपडेटेड 14 सितंबर 2022, 9:09 AM IST)

रिकॉर्ड तोड़ महंगाई (Inflation) और आर्थिक मंदी (Economic Recession) की आशंका शेयर बाजारों को उबरने का मौका नहीं दे रही है. अमेरिकी शेयर बाजार (US Share Market) में फिर से ऐसा ही नजारा मंगलवार को देखने को मिला. उम्मीद से बदतर महंगाई के आंकड़ों (US Inflation Data) ने अमेरिकी शेयर बाजार को हिला दिया और वॉल स्ट्रीट (Wall Street Crash) पर 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. अब इसका असर भारत समेत दुनिया भर के तमाम बाजारों पर देखने को मिल सकती है और बुधवार का दिन बाजार के लिए बुरा सपना साबित हो सकता है.

कम होने के बाद भी महंगाई बेकाबू

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में खुदरा महंगाई अगस्त महीने में 8.3 फीसदी पर रही. अमेरिकी बाजार में फूड आइटम्स और एनर्जी प्राइसेज में काफी उथल-पुथल देखी जा रही है. इसी कारण खुदरा महंगाई में तेजी देखी जा रही है. जानकारों को महंगाई दर 8.1 फीसदी रहने की उम्मीद थी. उम्मीद से बदतर महंगाई के आंकड़ों के कारण इस बात की आशंका गहरा गई है कि फेडरल रिजर्व अगले सप्ताह होने वाली बैठक में एक बार फिर से ब्याज दर को 0.75 फीसदी बढ़ा सकता है. इसी कारण महंगाई का आंकड़ा आते ही अमेरिकी शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली.

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ब्याज दर को इतना बढ़ा सकता है फेड

अगस्त महीने में महंगाई के आंकड़े पिछले कुछ महीनों की तुलना में नरम पड़े हैं. इससे पहले जुलाई में अमेरिका में खुदरा महंगाई 8.5 फीसदी रही थी. वहीं जून में अमेरिकी महंगाई दर 9.1 फीसदी पर पहुंच गई थी, जो पिछले 4 दशक में सबसे ज्यादा था. हालांकि कुछ नरम पड़ने के बाद भी महंगाई दर अभी भी उच्च स्तर पर ही है. यह अभी भी कई दशकों के हाई पर है. महंगाई दर नरम पड़ने से फेड के तेवर कुछ कम हो सकते थे, लेकिन अभी भी उम्मीद से बदतर रहने के कारण इस बात की गुंजाइश कम ही है कि फेडरल रिजर्व कोई नरमी दिखाएगा. वहीं दूसरी ओर लोगों को इस बात का डर सता रहा है कि अगर फेडरल रिजर्व आक्रामक तरीके से ब्याज दर को बढ़ाता रहा तो आर्थिक मंदी की मार और भारी हो जाएगी.

दुनिया भर के बाजारों में कोहराम

आंकड़े सामने आाने के बाद वॉल स्ट्रीट में कोहराम मच गया. डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1,276.37 अंक यानी 3.94 फीसदी गिरकर 31,104.97 अंक पर बंद हुआ. टेक फोकस्ड इंडेक्स नास्डैक कंपोजिट का हाल तो और ही बुरा हुआ. यह इंडेक्स 632.84 अंक यानी 5.16 फीसदी गिरकर 11,633.57 अंक पर आ गया. एसएंडपी500 सूचकांक में 177.72 अंक यानी 4.32 फीसदी की गिरावट देखने को मिली और यह 3,932.69 अंक पर बंद हुआ. इसके बाद आज बुधवार को एशियाई बाजार भी गिरावट का सामना कर रहे हैं. जापान का निक्की, हांगसांग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट तीनों 2-2 फीसदी से ज्यादा गिरे हुए हैं. इन आंकड़ों को देखते हुए यही लग रहा है कि आज भारतीय शेयर बाजार भी इन्वेस्टर्स को दिन में तारे दिखाने वाले हैं.

Nasdaq (नैस्डैक) क्या है

हम अक्सर शेयर बाजार (Share Market), सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) आदि के बारें में समाचार पत्रों, टीवी न्यूज़, यहाँ तक कि लोगो को आपस में इस बारें में चर्चा करते हुए सुनते है | दरअसल शेयर बाजार एक ऐसा मार्केट है, जहाँ दुनियाभर के लोग पैसा लगाते है और मुनाफा कमाते है | हालाँकि शेयर बाजार में वही लोग पैसा लगाते है, जिन्हें शेयर मार्केट के बारें में अच्छी जानकारी होती है |

भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी का नाम सबसे पहले लिया जाता है, ठीक उसी प्रकार से अमेरिकी शेयर मार्केट में नैस्डैक (Nasdaq) का नाम लिया जाता है | आज हम आपको नैस्डैक के बारें में जानकारी दे रहे है? Nasdaq (नैस्डैक) क्या है, NASDAQ Full Form, Meaning in Hindi |

नैस्डैक (NASDAQ) का क्या मतलब होता है ?

Table of Contents

  • अमेरिका में दुनिया के पहले इलेक्ट्रॉनिक शेयर बाजार नैस्डैक (Electronic Stock Market Nasdaq) की शुरूआत 8 फरवरी 1971 को नेशनल एसोसिएशन ऑफ सिक्योरिटीज डीलर्स द्वारा की गयी थी, जो अमेरिका के वॉल स्ट्रीट में लगभग 5 दशक से फाइनेंसियल मार्केट का केन्द्र बना हुआ है। उस समय यह उस समय यह एक कंप्यूटर बुलेटिन बोर्ड-प्रकार प्रणाली थी |
  • वर्ष 1975 में नैस्डैक नें आईपीओ अर्थात आरंभिक सार्वजनिक पेशकश का आविष्कार किया, और अपनें व्यवसाय को आगे बढानें के लिए पूंजी एकत्र करनें में सक्षम बनाया | इसके साथ ही वर्ष 1975 में नैस्डैक-100 (NASDAQ-100) का निर्माण किया और पहली एक्सचेंज वेबसाइट www.nasdaq.com लॉन्च किया |
  • नैस्डैक एक अमेरिकन स्टॉक एक्सचेंज मार्केट है, जो निवेशकों को स्वचालित, पारदर्शी और तेज कंप्यूटर नेटवर्क पर स्टॉक खरीदने और बेचने की अनुमति प्रदान करता है | नैस्डेक का स्वामित्व OMX समूह के हाथों में है, और इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क, अमेरिका में है | मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में यह न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है |
  • नैस्डैक के शेयर की मांग बहुत अधिक है, क्योंकि मार्केट में इनके दाम जल्दी नही गिरते है | जिसके कारण लोग नैस्डैक के शेयर को अच्छे रिस्पांस देते है | दरअसल नैस्डैक फेमस स्टॉक एक्सचेंज में से एक है, इसमें दुनिया के एक दो देश नहीं बल्कि लगभग सभी देशों के लोग पैसा लगते है |
  • इसकी सबसे खास बात यह है, कि इस स्टॉक एक्सचेंज में जिस प्रकार की सुविधाएँ प्रदान की जाती है, वह किसी अन्य स्टॉक एक्सचेंज में नहीं मिलती है, जिसके कारण इसे दुनिया का सबसे अच्छा स्टॉक एक्सचेंज माना जाता है |

नैस्डैक फुल फार्म (NASDAQ Full Form)

Nasdaq (नैस्डैक)का फुल फार्म “National Association of Securities Dealers Automated Quotations (नेशनल एसोसिएशन ऑफ़ सिक्योरिटीज डीलर्स ऑटोमेटेड कोटशन्स)” है | नैस्डैक दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे पुराना इलेक्ट्रॉनिक स्टॉक मार्केट है |

नैस्डैक का इतिहास (History Of NASDAQ)

नैस्डैक की स्थापना नेशनल एसोसिएशन ऑफ सिक्योरिटीज डीलर्स द्वारा 8 फरवरी 1971 को हुई थी | उस समय यह उस समय यह एक कंप्यूटर बुलेटिन बोर्ड-प्रकार प्रणाली थी | वर्ष 1975 में नैस्डैक नें आईपीओ अर्थात आरंभिक सार्वजनिक पेशकश का आविष्कार किया, और अपनें व्यवसाय को आगे बढानें के लिए पूंजी एकत्र करनें में सक्षम बनाया | इसके साथ ही वर्ष 1975 में अमेरिकन एक्सचेंज नैस्डैक-100 (NASDAQ-100) का निर्माण किया और पहली एक्सचेंज वेबसाइट www.nasdaq.com लॉन्च किया |

वर्ष 1998 में नैस्डैक अमेरिकन स्टॉक एक्सचेंज के साथ मिलकर नासाडाक-एमेक्स मार्केट ग्रुप गठित किया | इसी प्रकार सफलता की ओर अग्रसर नासाडाक नें वर्ष 2007 में ओएमएक्स (Swedish-Finnish Financial Company) का अधिग्रहण कर इसका नाम संशोधित कर नासाडाक ओएमएक्स समूह रख दिया | वर्ष 2008 में नासाडाक ओएमएक्स नें संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे पुरानें स्टॉक एक्सचेंज जिसका नाम फिलाडेल्फिया स्टॉक एक्सचेंज था, उसका अधिग्रहण किया | इसके बाद वर्ष 2009 में नासाडाक ओएमएक्स नें अपना मोबाइल वेब संस्करण nasdaq.com लॉन्च किया |

नैस्डैक में सूचीबद्ध कम्पनियां (Companies Listed On NASDAQ)

नैस्डैक पर लगभग 3 हजार से अधिक कंपनियों का विशाल बहुमत शामिल है, जिसे प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अन्दर से संचालित किया जाता है | इसमें दुनिया के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी ब्रांड जैसे- माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न, फेसबुक, इंटेल आदि कम्पनियां सूचीबद्ध है | हालाँकि नैस्डैक एक्सचेंज कंपनियों को सूचीबद्ध करनें के साथ ही वायदा, विकल्प और ईटीएफ (Exchange Traded Fund) जैसे अन्य वित्तीय साधनों की एक पूरी श्रृंखला भी सूचीबद्ध करते हैं। नैस्डैक में सूचीबद्ध कम्पनियों के नाम इस प्रकार है-

  • Apple / AAPL
  • Microsoft / MSFT
  • Amazon / AMZN
  • Alphabet (Google) / GOOG
  • Facebook / FB
  • Tesla / TSLA
  • NVIDIA
  • PayPal
  • Comcast Corp
  • Adobe / ADBE

नैस्डैक टाइमिंग की जानकारी (NASDAQ Timing Information)

  • प्री-मार्केट सत्र- यह प्रातः 4 बजे से शुरू होकर 9:30 बजे समाप्त होता है |
  • सामान्य व्यापार सत्र- यह सुबह 9:30 बजे से शुरू होता है, और शाम 4 बजे समाप्त होता है |
  • बाजार के बाद का सत्र- यह शाम 4 बजे से शुरू होता है, और रात 8:00 बजे समाप्त होता है |

नैस्डैक 100 इंडेक्स क्या है (What Is NASDAQ 100) ?

नैस्डैक 100 दुनिया के दूसरे सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स पर 100 से अधिक सार्वजनिक रूप से गैर-वित्तीय व्यवसायों की विशेषता वाला एक प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक है। यह प्रौद्योगिकी में 54 प्रतिशत, उपभोक्ता सेवाएँ 25 प्रतिशत और स्वास्थ्य सेवा 21 प्रतिशत जैसे शीर्ष प्रदर्शन करने वाले उद्योगों पर केंद्रित है। नैस्डैक 100 दुनिया की सबसे नवीन कम्पनियों के प्रदर्शन को ट्रैक करता है, जिसमें टेस्ला, इंटेल और गूगल आदि शामिल हैं |

अमेरिकी शेयरों में ऐसे करें मोटी कमाई, 3 मार्च से शुरू हुई अमेरिकी कंपनियों के शेयरों में निवेश की नई सुविधा

अब आप आसानी से अपने पैसे अमेरिकी शेयर बाजार में लगा सकते हैं और बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों के शेयरों में तेजी से खूब मुनाफा भी कमा सकते है. ऐसा कैसे संभव हुआ और यह निवेश आप कैसे कर सकते हैं

अमेरिकी शेयरों में ऐसे करें मोटी कमाई, 3 मार्च से शुरू हुई अमेरिकी कंपनियों के शेयरों में निवेश की नई सुविधा

प्रवीण शर्मा | Edited By: अंकित त्यागी

Updated on: Mar 03, 2022 | 1:25 PM

आप चाहे दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों में रह रहे हों या फिर मेरठ-औरंगाबाद जैसे छोटे शहरों में, अब आप घर बैठे अमेरिका की दिग्‍गज कंपनियों जैसे माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), अमेजन (Amazon) या टेस्ला (Tesla) के शेयर खरीद सकते हैं और मोटा मुनाफा कमा सकते हैं. आप अपना पैसा अमेरिकी बाजार में कैसे लगाएंगे, यह बात हम आपको समझाएंगे.यह सुविधा आपके लिए NSE इंटरनेशनल एक्सचेंज लेकर आया है. NSE इंटरनेशनल एक्सचेंज National Stock Exchange की सब्सिडयरी है और यह गुजरात के गिफ्ट सिटी में है. तीन मार्च से NSE इंटरनेशनल एक्सचेंज के ज़रिए आप चुनिंदा अमेरिकी शेयरों में निवेश कर सकते हैं. यह निवेश Unsponsored depository receipts यानी DR के जरिए होगा.

अभी सिर्फ इन शेयरों में लगा पाएंगे पैसा

शुरुआत में आप माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, टेस्ला के अलावा नाइकी, ऐक्सॉन मोबिल, कोका-कोला, एप्पल, अल्‍फाबेट जैसी 50 बड़ी अमेरिकी कंपनियों के शेयरों में निवेश कर पाएंगे.

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