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सस्ता क्रिप्टोकरेंसी 2023

सस्ता क्रिप्टोकरेंसी 2023

Income Tax Return for AY 2022-2023: क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली इनकम पर फ्लैट 30% टैक्स से कैसे बचें? जानें पूरी डिटेल

नए क्रिप्टो टैक्स नियम आकलन वर्ष 2023-2024 से लागू सस्ता क्रिप्टोकरेंसी 2023 होंगे। इसका मतलब है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में आपकी क्रिप्टो आय पर 30% की दर से कर लगाया जाएगा।

आयकर रिटर्न AY 2022-2023: 2022 के बजट में, क्रिप्टोकरेंसी और एनएफटी सहित अन्य आभासी डिजिटल परिसंपत्तियों (वीडीए) से होने वाली आय पर 30 प्रतिशत कर की घोषणा की गई है। ऐसे में कई क्रिप्टो निवेशकों और व्यापारियों के मन में सबसे बड़ा सस्ता क्रिप्टोकरेंसी 2023 सवाल यह है कि क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली आय पर 30% टैक्स से कैसे बचा जाए? नए क्रिप्टो टैक्स नियम आकलन वर्ष 2023-2024 से लागू होंगे। इसका मतलब है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में आपकी क्रिप्टो आय पर 30% की दर (कटौती और भत्ता) पर कर लगाया जाएगा।

आप क्रिप्टोकरेंसी पर एक निश्चित 30% कर से कैसे बचते हैं?

चालू वित्त वर्ष में (31 मार्च, 2022 तक), क्रिप्टो आय पर 30% कर नियम लागू नहीं होगा। इसलिए यदि आप अपनी क्रिप्टो होल्डिंग्स बेचते हैं और 31 मार्च से पहले लाभ कमाते हैं, तो इस आय पर कर वर्ष 2022-2023 में मौजूदा नियमों के अनुसार कर लगाया जाएगा।

क्रिप्टोक्यूरेंसी टैक्स कैलकुलेशन 2022: क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली आय पर 30% टैक्स का क्या महत्व है? इस राशि को कर देयता में कैसे जोड़ा जाता है? एक्सपर्ट से समझें पूरा कैलकुलेशन

31 मार्च, 2022 तक क्रिप्टो आय पर कर नियम

कर सचिव तरुण बजाज के अनुसार, क्रिप्टो निवेशक आईटीआर में कुछ वस्तुओं के तहत अपनी कमाई प्रदर्शित कर सकते हैं और मूल्यांकन अधिकारी 1 अप्रैल से पहले लेनदेन की समीक्षा करेंगे। बजाज ने हाल ही में पीटीआई समाचार एजेंसी के हवाले से कहा, “आप अपने आईटीआर में 1 अप्रैल से पहले लेनदेन दिखाएं और समीक्षा अधिकारी आपके लिए समीक्षा करेंगे।” बजाज ने आगे कहा, “समीक्षा अधिकारी तय करेगा कि क्रिप्टो मुनाफे पर क्या शुल्क लगाया जाना चाहिए।”

अगले साल आईटीआर फॉर्म में नया कॉलम, क्रिप्टो निवेशकों को जाननी चाहिए ये पांच बातें

31 मार्च से पहले क्रिप्टो आय पर भुगतान की जाने वाली कर की राशि अलग-अलग होती है, लेकिन यह स्पष्ट है कि निवेशकों को एक निश्चित 30% कर का भुगतान नहीं करना है। यह छोटे क्रिप्टो निवेशकों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है जो लाभ कमाना चाहते हैं और 30% निश्चित कर से बचते हैं।

जुलाई 2022 से, 1% टीडीएस नियम क्रिप्टो ट्रांसफर पर भी लागू होगा। इससे कर अधिकारियों के लिए क्रिप्टो लेनदेन को ट्रैक करना आसान हो जाता है। बजट 2022 में धारा 115बीबीएच पेश करने का प्रस्ताव है, जिसके अनुसार आभासी डिजिटल संपत्ति के हस्तांतरण से होने वाली आय पर 30% की दर से कर लगाया जाता है और क्रिप्टोकरेंसी से होने वाले नुकसान का निपटान या हस्तांतरण नहीं किया जाता है।

Income Tax Return for AY 2022-2023: क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली इनकम पर फ्लैट 30% टैक्स से कैसे बचें? जानें पूरी डिटेल

नए क्रिप्टो टैक्स नियम आकलन वर्ष 2023-2024 से लागू होंगे। इसका मतलब है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में आपकी क्रिप्टो आय पर 30% की दर से कर लगाया जाएगा।

आयकर रिटर्न AY 2022-2023: 2022 के बजट में, क्रिप्टोकरेंसी और एनएफटी सहित अन्य आभासी डिजिटल परिसंपत्तियों (वीडीए) से होने वाली आय पर 30 प्रतिशत कर की घोषणा की गई है। ऐसे में कई क्रिप्टो निवेशकों और व्यापारियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली आय पर 30% टैक्स से कैसे बचा जाए? नए क्रिप्टो टैक्स नियम आकलन वर्ष 2023-2024 से लागू होंगे। इसका मतलब है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में आपकी क्रिप्टो आय पर 30% की दर (कटौती और भत्ता) पर कर लगाया जाएगा।

आप क्रिप्टोकरेंसी पर एक निश्चित 30% कर से कैसे बचते हैं?

चालू वित्त वर्ष में (31 मार्च, 2022 तक), क्रिप्टो आय पर 30% कर नियम लागू नहीं होगा। इसलिए यदि आप अपनी क्रिप्टो होल्डिंग्स बेचते हैं और 31 मार्च से पहले लाभ कमाते हैं, तो इस आय पर कर वर्ष 2022-2023 में मौजूदा नियमों के अनुसार कर लगाया जाएगा।

क्रिप्टोक्यूरेंसी टैक्स कैलकुलेशन 2022: क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली आय पर 30% टैक्स का क्या महत्व है? इस राशि को कर देयता में कैसे जोड़ा जाता है? एक्सपर्ट से समझें पूरा कैलकुलेशन

31 मार्च, 2022 तक क्रिप्टो आय पर कर नियम

कर सचिव तरुण बजाज के अनुसार, क्रिप्टो निवेशक आईटीआर में कुछ वस्तुओं के तहत अपनी कमाई प्रदर्शित कर सकते हैं और मूल्यांकन अधिकारी 1 अप्रैल सस्ता क्रिप्टोकरेंसी 2023 से पहले लेनदेन की समीक्षा करेंगे। बजाज ने हाल ही में पीटीआई समाचार एजेंसी के हवाले से कहा, “आप अपने आईटीआर में 1 अप्रैल से पहले लेनदेन दिखाएं और समीक्षा अधिकारी आपके लिए समीक्षा करेंगे।” बजाज ने आगे कहा, “समीक्षा अधिकारी तय करेगा कि क्रिप्टो मुनाफे पर क्या शुल्क लगाया जाना चाहिए।”

अगले साल आईटीआर फॉर्म में नया कॉलम, क्रिप्टो निवेशकों को जाननी चाहिए ये पांच बातें

31 मार्च से पहले क्रिप्टो आय पर भुगतान की जाने वाली कर की राशि अलग-अलग होती है, लेकिन यह स्पष्ट है कि निवेशकों को एक निश्चित 30% सस्ता क्रिप्टोकरेंसी 2023 कर का भुगतान नहीं करना है। यह छोटे क्रिप्टो निवेशकों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है जो लाभ कमाना चाहते हैं और 30% निश्चित कर से बचते हैं।

जुलाई 2022 से, 1% टीडीएस नियम क्रिप्टो ट्रांसफर पर भी लागू होगा। इससे कर अधिकारियों के लिए क्रिप्टो लेनदेन को ट्रैक करना आसान हो जाता है। बजट 2022 में धारा 115बीबीएच पेश करने का प्रस्ताव है, जिसके अनुसार आभासी डिजिटल संपत्ति के हस्तांतरण से होने वाली आय पर 30% की दर से कर लगाया जाता है और क्रिप्टोकरेंसी से होने वाले नुकसान का निपटान या हस्तांतरण नहीं किया जाता है।

Social Media पर Financial Influencers पर नकेल कसेगा SEBI, बना रहा नई गाइडलाइंस

Financial Influencers: सोशल मीडिया (Social Media) लोगों के साथ संवाद करने और सस्ता क्रिप्टोकरेंसी 2023 अपनी बात पहुंचाने का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है. ऐसे में कई फाइनैंशियल इंफ्लुएंसर्स (Financial Influencers) इन दिनों सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को फाइनैंशियल एडवाइस (Financial Advice) देने का काम करते हैं. इन सुझावों के झांसे में आकर कई बार निवेशक अपनी गाढ़ी कमाई गंवा देते हैं. लेकिन शेयर बाजार के रेग्युलेटर सिक्योरिटीज एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने फाइनैंशियल इंफ्लुएंसर्स के बढ़ते बेस को देखते हुए इन पर निगरानी रखने के लिए गाइडलाइंस बनाने की तैयारी में है.

फाइनैंशियल इंफ्लुएंसर्स पर शिकंजा!
सेबी के मेंबर एस के मोहंती ने मुंबई में कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े कार्यक्रम में कहा कि हम गाइडलाइंस बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. दरअसल कोरोना महामारी ( Covid 19 Pandemic) के बाद शेयर बाजार में रिटेल निवेशकों ( Retail Investors) की तादाद बढ़ी है तो उसी प्रकार फाइनैंशियल और इवेंटस्टमेंट एडवाइस देने वाले ऑनलाइन फाइनैंशियल इंफ्लुएंसर्स की संख्या भी तेजी से बढ़ी है. ये फाइनैंशियल इंफ्लुएंसर्स ऐसे सुझाव देने के लिए अधिकृत नहीं हैं बावजूद इसके वे सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को निवेश को लेकर सुझाव देते हैं.

भूमिका रही है संदिग्ध
बीते एक साल में स्टार्टअप टेक कंपनियों के आईपीओ और स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग के दौरान इन फाइनैंशियल इंफ्लुएंसर्स की भूमिका बेहद संदिग्ध रही है. कंपनियों ने अपने शेयरों के रेट भगाने के लिए इन फाइनैंशियल इंफ्लुएंसर्स को पैसे देती है और ये फाइनैंशियल इंफ्लुएंसर्स निवेशकों को इन कंपनियों में निवेश करने का सुझाव देते हैं.

फाइनैंशियल इंफ्लुएंसर्स का बढ़ा प्रभाव
सेबी के नियमों के मुताबिक फाइनैंशियल एडवाइजर्स सस्ता क्रिप्टोकरेंसी 2023 को खुद को रजिस्टर कराना होता है. देश में 1300 से ज्यादा फाइनैंशियल एडवाइजर्स मौजूद हैं. फाइनैंशियल इंफ्लुएंसर्स के बढ़ते प्रभाव ने सेबी की भी चिंता बढ़ा दी है. 2021-22 में फाइनैंस और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े कंटेट में फाइनैंशियल इंफ्लुएंसर्स और सेलीब्रिटी द्वारा 415 उल्लंघन का का मामला सामने आया है. हाल में सेबी प्रमुख ने भी फाइनैंशियल इंफ्लुएंसर्स को लेकर अपनी सस्ता क्रिप्टोकरेंसी 2023 चिंता जाहिर की थी.

सबसे सस्ती Cryptocurrency कौन सी है जो Famous है

क्या बात है बिल्कुल सही पोस्ट में आपने एंट्री मारी है अगर आज आपने यह पोस्ट शुरू से लेकर लास्ट तक पढ़ ले तो फिर क्या ही बताऊं मैं आपको और आपने बिल्कुल ही सही डिसीजन लिया हुआ है जो आप ढूंढ रहे हैं ऐसी कौन सी Cryptocurrency है। जो सबसे सस्ती और Famous है।

यह आपको जानना बहुत ही ज्यादा जरूरी है अगर आप मार्केट में क्रिप्टो करेंसी में पैसे को इन्वेस्ट करके उसमें से ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं तो दोस्तों आइए आज के पोस्ट में मैं आपको इतना ज्यादा इंफॉर्मेशन देने वाला हूं कि आपको सब समझ में आ जायेगा।

आखिरकार आपको पता चल ही गया की सबसे ज्यादा पैसा क्रिप्टोकरेंसी में ही है और आज के दौर पर जिसके भी जुबान से सुनो तो सब यही कहते है कि यार भाई क्रिप्टो करेंसी अगर खरीद लेते तो आज हम करोड़पति होते। तो ऐसा है भाई आज भी देर नहीं हुई है।

आने वाले समय में अगर आप को लोग यह देख कर कहे कि काश उसके जैसे आज हम भी क्रिप्टोकरंसी खरीद लेते तो आज हम भी करोड़पति होते तो भाई लोग आपको मैं आज यह बताने वाला हूँ कि सबसे सस्ती Cryptocurrency कौन सी है जो Famous है।

जिसको सस्ता क्रिप्टोकरेंसी 2023 आप खरीद के उसमें से अधिक से अधिक मुनाफा और उसमें से अच्छा खासा रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं तो फिर आइए बिना किसी देरी के हम आपको उन सभी जानकारी को प्रदान करेंगे और एक छोटे से उदाहरण दे कर आपको समझाएंगे तो चलिए आइए मिलते हैं पोस्ट में ।

2022 में ऐसी कौन सी Cryptocurrency है जो सबसे सस्ती और मशहूर है?

दोस्तों जैसा कि हम सभी भारत वासियों को पता है कि अगर कोई भी व्यक्ति क्रिप्टोकरंसी के बारे में बात करता है तो जाहिर सी बात है सबसे पहले जो सभी व्यक्ति के जुबान पर आता है वह क्रिप्टो करेंसी का नाम बिटकॉइन है।

लेकिन मैं आपको यह नहीं कह रहा की आप बिटकॉइन खरीदें उसी का हम एक छोटा सा उदाहरण देकर आपको समझायेंगे कि पहले के दौर में ऐसा क्या था और अब के दौर पर ऐसा क्या चल रहा है बिटकॉइन भी जब मार्केट में आया था तो उसकी वैल्यू क्या थी और अब की वैल्यू क्या है।

  • 2009 में 1 बिटकॉइन की कीमत $0 थी ।
  • 2010 में 1 बिटकॉइन की कीमत $0.08 थी ।
  • 2011 में 1 सस्ता क्रिप्टोकरेंसी 2023 बिटकॉइन की कीमत $ 2 थी ।
  • 2017 में 1 बिटकॉइन की कीमत $20,089 थी ।
  • 2021 अप्रैल में एक बिटकॉइन की कीमत $62,575 थी ।

तो फिर आइए समझते हैं क्रिप्टो को आसान भाषाओं में आप सभी सोच रहे होंगे कि आखिर यह क्रिप्टोकरंसी क्या होती है यहां पर मैं आपको सबसे सस्ती क्रिप्टो करेंसी भारत में कौन सी है इसके बारे में बताने वाला हूं अगर यदि आपको जानना है कि क्रिप्टोकरंसी क्या होती है तो हमारे द्वारा लिखे गए हमारे और भी आर्टिकल पब्लिक है।

जिसे आप पढ़ के क्रिप्टो करेंसी क्या है उसके बारे में जान सकते हैं अगर शॉर्ट में आपको समझाओ तो क्रिप्टोकरंसी एक डिजिटल मुद्रा है जिसे केवल हम देख सकते हैं हम इसे ना ही छू सस्ता क्रिप्टोकरेंसी 2023 सकते हैं और ना ही इसे अपने पॉकेट में रख सकते हैं इसे सिर्फ ऑनलाइन के जरिए ही खरीदा या बेचा जा सकता है इसमें देश की सरकार का कोई भी नियंत्रण नहीं रहता है।

क्रिप्टो करेंसी का भविष्य क्या होगा इसके बारे में भी हमने अपने पिछले ब्लॉग पोस्ट में बता रखा है कृपया करके आप उसे जरूर पढ़ें अगर इसे भी शॉर्ट फॉर्म में बताऊं तो भारत में पिछले 1 साल से क्रिप्टो करेंसी में निवेश काफी बढ़ता चला जा रहा है।

भारत भर में हर सभी क्रिप्टो निवेश करना सीख रहे हैं और इसमें से अधिक से अधिक मुनाफा कमा रहे हैं इस रेस में कोई भी पीछे नहीं रहना चाहता है इसलिए सभी लोग क्रिप्टोकरंसी से रिलेटेड सारी जानकारी को सर्च इंजन में सर्च करके किस पर पैसे निवेश करना और अच्छा खासा मुनाफा कमाना सीख रहे हैं।

2022 में Cryptocurrency जिसका Price $1 से भी कम है

दोस्तों तो चलिए अब हम बात सस्ता क्रिप्टोकरेंसी 2023 करते हैं आज के विषय पर की वर्तमान समय में भारत में सबसे सस्ती और सबसे अच्छी क्रिप्टोकरेंसी कौन सी है जो मशहूर है जिनमें से आप ट्रेडिंग या फिर उसमें पैसे निवेश कर सकते हैं वैसे तो मार्केट में सभी क्रिप्टो करेंसी 0 से ही लिस्ट होती है।

हालांकि यह कोई विशेष कंपनी नहीं होती है यह एक ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के द्वारा चलाई जाती है जो कि पूरे डिमांड और सप्लाई पर काम करती है किसी भी क्रिप्टो करेंसी का उतार-चढ़ाव भाव सिर्फ डिमांड और सप्लाई पर ही भरता और घटता है।

2022 में Invest करने के लिए सबसे सस्ता क्रिप्टोकरेंसी कौन सी है

Shiba Inu $ 0.000070

Lovely Inu $ 0.00000048

Binance USD $ 0.99

यहां पर मैंने जितने भी आपको क्रिप्टोकरंसी बताई है यहां पर जो लिस्ट हुई है सारी क्रिप्टो करेंसी इतनी सस्ती है कि जिसमें आप निवेश करके आने वाले समय में इसमें से अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हो इन करेंसी का मूल्य आने वाले समय में ज्यादा होने की संभावना जताई जा रही है क्योंकि इसमें से बहुत सारे ऐसे कॉइन है जिनका Fundamental बहुत ही ज्यादा Strong है।

Budget 2022: इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, क्रिप्टोकरेंसी पर 30% टैक्स, जानें क्या हुआ सस्ता और महंगा

Budget 2022 Highlights

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बजट पेश किया। इस बजट को चुनावी बजट सस्ता क्रिप्टोकरेंसी 2023 के रूप में देखा जा सकता है। मध्यम वर्ग के लोगों को इस बजट से महंगाई, टैक्स से छूट और बेरोजगारी को लेकर बड़े ऐलान की उम्मीद थी। लेकिन महंगाई और टैक्स पर छूट को लेकर कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ। देश में रोजगार को लेकर वित्त मंत्री ने ये जरूर कहा कि हमारे पास 60 लाख अतिरिक्त नौकरियां देने की क्षमता है। 100 साल के लिए ढांचागत सुविधा बढ़ाएंगे। इसके अलावा डिजिटल करेंसी शुरू करने का ऐलान हुआ है। वर्चुअल करेंसी पर सरकार ने 30 प्रतिशत टैक्स लगाने की घोषणा की है। इसके अलावा सरकार इस साल 5 जी सेवा शुरू करेगी, गांव-गांव में कनेक्टिविटी को और बढ़ावा दिया जाएगा। टैक्स पेयर्स को ये राहत जरूर मिली है कि आईटीआर फाइल करने में और दो साल तक की राहत दी गई है। गलती पता चलने पर दो साल तक टैक्स चुकाकर अपडेटेट रिटर्न भरा जा सकेगा।

टैक्सपेयर्स को थोड़ी राहत
देश के आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्सपेयर्स के लिए कई अहम ऐलान किए हैं। इनमें से एक बड़ा ऐलान अपडेटेड रिटर्न से जुड़ा है। अब टैक्सपेयर्स गलती पता चलने पर असेसमेंट ईयर के दो साल तक अपडेटेट रिटर्न भर पाएंगे। बता दें कि टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स के स्लैब पर किसी तरह की राहत नहीं मिली है। इनकम टैक्स रिटर्न का स्लैब जस का तस है। इसमें कोई सीधी र‍ियायत नहीं दी गई है। वहीं, स्टैंडर्ड डिडक्शन भी बढ़ाने का ऐलान नहीं किया गया है। वहीं, 80C में भी कोई छूट नहीं मिली है।

मध्य वर्ग को फिर मायूसी
मध्य वर्ग को इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव को लेकर बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण से यह अछूता रहा है। यह लगातार 7वां ऐसा बजट था, जिसमें इनकम टैक्स स्लैब पर कोई चेंज नहीं किया गया है। इसके अलावा डिडक्शन को लेकर भी कोई राहत नहीं दी गई है।

डिफेंस में आत्मनिर्भर प्लान, इसी साल होगी 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी
डिफेन्स सेक्टर के लिए वित्त मंत्री ने कहा, रक्षा अनुसंधान एवं विकास बजट के 25% रक्षा आरएंडडी के साथ उद्योग, स्टार्टअप और शिक्षा के लिए खोला जाएगा। निजी उद्योग को एसपीवी मॉडल के माध्यम से डीआरडीओ और अन्य संगठनों के सहयोग से सैन्य प्लेटफार्मों और उपकरणों के डिजाइन और विकास के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। रक्षा में पूंजीगत खरीद बजट का 68% घरेलू उद्योग के लिए 2022-23 में निर्धारित किया जाएगा (यह पिछले वित्त वर्ष के 58% से ऊपर है)।

किसानों के लिए बड़े ऐलान
बजट में वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों को डिजिटल सेवा दी जाएगी, तिलहनों के उत्पादन को बढ़ावा देने का अभियान शुरू किया जाएगा। इसके अलावा देश भर में केमिकल फ्री नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा दिया जाएदगा। गंगा के किनारे 5 किलोमीटर के दायरे में इसके पहले चरण की शुरुआत की जाएगी। मौजूदा वित्त वर्ष में 2.37 लाख करोड़ रुपये के खाद्यान्न की एमएसपी के तहत किसानों से खरीद की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि साल 2023 को हमने मोटा अनाज वर्ष घोषित करने का फैसला लिया है।

डिजिटल करेंसी शुरू करेगी सरकार
निर्मला सीतारमण ने बताया कि नए वित्त वर्ष में डिजिटल करेंसी की लॉन्चिंग होगी। उन्होंने बताया कि नए वित्त वर्ष में रिजर्व बैंक डिजिटल करेंसी को लॉन्च करेगा। निर्मला सीतारमण ने बताया कि डिजिटल करेंसी की लॉन्चिंग से डिजिटल इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा।निर्मला सीतारमण ने बताया कि ब्लॉकचेन और अन्य तकनीकों का इस्तेमाल करके डिजिटल करेंसी शुरू की जाएगी।

वर्चुअल करेंसी पर 30 प्रतिशत की छूट
वर्चुअल करेंसी को लेकर वित्त मंत्री ने बजट में बड़ी घोषणा की है। सरकार डिजिटल संपत्ति हस्तांतरण से होने वाली आय पर 30% कर लगाएगी। इसके अलावा क्रिप्टोकाउंक्शंस का उपहार प्राप्तकर्ता के अंत में कर लगाया जाएगा। हानि को किसी अन्य लाभ से समायोजित नहीं किया जा सकता।

खत्म हुईं बैंक-पोस्ट ऑफिस की दूरियां, पैसे ट्रांसफर से सब कुछ होगा डिजिटल
कोरोना काल में दूसरी बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने पोस्ट ऑफिस के डिजिटलाइजेशन पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पोस्टऑफिस अब पूरी तरह डिजिटल होंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 1.5 लाख डाकघरों में 100 फीसदी कोर बैंकिंग प्रणाली पर आएंगे। इसके जरिए नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम के माध्यम से खातों तक पहुंच होगी। इसके अलावा डाकघर खातों और बैंक खातों के बीच पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर किए जा सकेंगे।

खुलेगी डिजिटल यूनिवर्सिटी, पीएम ई विद्या का होगा 200 चैनलों तक विस्तार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना महामारी के मद्देनजर बजट में डिजिटल शिक्षा व ऑनलाइन लर्निंग पर खासा जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है इसलिए ई-कंटेंट और ई-लर्निंग को प्रोत्साहन दिया जाएगा। देश में डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना होगी। पीएम ई विद्या के ‘वन क्लास, वन टीवी चैनल’ कार्यक्रम को 12 से 200 टीवी चैनलों तक बढ़ाया जाएगा। यह सभी राज्यों को कक्षा 1 से 12 तक क्षेत्रीय भाषाओं में सप्लीमेंट्री शिक्षा प्रदान करने में सक्षम बनाएगा। मानसिक समस्याओं के लिए नेशनल टेलीमेंटल हेल्थ प्रोग्राम भी शुरू होगा।

LIC के आईपीओ पर तेजी, इस साल और बढ़ेगा निजीकरण
मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने संबोधन में कहा कि एलआईसी के आईपीओ पर तेजी से काम चल रहा है। इस साल निजीकरण को और बढ़ाया जाएगा। पूंजीगत व्यय बढ़ाने से देश की आर्थिक रिकवरी को बढ़ाया जाएगा। इससे पहले इसी साल सरकार ने एयर इंडिया का विनिवेश पूरा किया है।

MSME सेक्टर को 2 लाख करोड़ का अतिरिक्त कर्ज
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी एमएसएमई के लिए कई अहम ऐलान किए गए हैं। इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के तहत 130 लाख से अधिक एमएसएमई को लोन दिए गए हैं। ईसीएलजीएस के दायरे को 50 हजार करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5 लाख करोड़ रुपए तक कर दिया गया है। इससे 2 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त लोन मिल सकेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि उद्यम, ई-श्रम , एनसीएस और असीम पोर्टल्स को लिंक किया जाएगा। इससे एमएसएमई का दायरा बढ़ जाएगा।

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