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बिटकॉइन का उपयोग

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Mr. Nemi Chand Prajapat 0

Legal Tender नहीं होगा 'बिटकॉइन, एथेरियम और एनएफटी: वित्त मंत्रालय

Bitcoin: वित्त सचिव टीवी सोमनाथन ने कहा कि जब लोग क्रिप्टोकरेंसी खरीद सकते हैं, तो संपत्ति का सरकार द्वारा मूल्य प्राधिकरण नहीं होगा।

Image: PTI/Shutterstock

Bitcoin: वित्त मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी डिजिटल मुद्रा के अलावा अन्य डिजिटल संपत्ति 'कभी भी कानूनी निविदा नहीं बनेगी'। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त सचिव टीवी सोमनाथन ने कहा कि जब लोग क्रिप्टोकरेंसी खरीद सकते हैं, तो संपत्ति का सरकार द्वारा मूल्य प्राधिकरण नहीं होगा। बिटकॉइन, एथेरियम या एनएफटी कभी भी कानूनी निविदा (Legal Tender) नहीं बनेंगे।

वित्त सचिव ने कहा, "डिजिटल मुद्रा आरबीआई द्वारा समर्थित होगी जो कभी भी डिफॉल्ट नहीं होगी। पैसा आरबीआई का होगा, लेकिन प्रकृति डिजिटल होगी। आरबीआई द्वारा जारी डिजिटल रुपया एक कानूनी निविदा होगा। बाकी सभी कानूनी निविदा नहीं हैं, नहीं करेंगे। कभी भी कानूनी बिटकॉइन का उपयोग निविदा न बनेंगे।"

"बिटकॉइन, एथेरियम, या एनएफटी कभी भी कानूनी निविदा नहीं बनेंगे। क्रिप्टो संपत्ति ऐसी संपत्ति है जिसका मूल्य दो लोगों के बीच निर्धारित किया जाएगा। आप सोना, हीरा, क्रिप्टो खरीद सकते हैं, लेकिन उसके पास सरकार द्वारा मूल्य प्राधिकरण नहीं होगा।"

डिजिटल रुपया और क्रिप्टो कराधान पर निर्मला सीतारमण
भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक वित्तीय वर्ष 2022-23 में ब्लॉकचेन और अन्य तकनीकों का उपयोग करके एक डिजिटल रुपया जारी करेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "2022-23 से आरबीआई द्वारा डिजिटल रुपया ब्लॉकचेन और अन्य तकनीकों का उपयोग करके जारी किया जाएगा। इससे अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।"

वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि किसी भी आभासी डिजिटल संपत्ति के हस्तांतरण से होने वाली आय पर 30% कर (tax) लगेगा। उसने कहा, "अधिग्रहण की लागत को छोड़कर ऐसी आय की गणना करते समय किसी भी व्यय या भत्ते के बिटकॉइन का उपयोग संबंध में कोई कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी।"

सीतारमण ने कहा कि आभासी डिजिटल संपत्ति के हस्तांतरण से होने वाले नुकसान को किसी अन्य आय के खिलाफ सेट नहीं किया जा सकता है। वर्चुअल डिजिटल संपत्ति के हस्तांतरण के संबंध में किए गए भुगतान पर 1% टीडीएस लगाने की भी घोषणा की गई।

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय बजट में प्रस्तावित डिजिटल रुपया, फिनटेक क्षेत्र में 'नए अवसर' खोलेगा। 'आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्थ' संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी. अगर कोई डिजिटल मुद्रा में भुगतान करता बिटकॉइन का उपयोग है, तो आप इसे नकद में बदल सकेंगे।"

बिटकॉइन क्या है और किसने की थी इसकी शुरुआत? बैंक इसे लेकर क्यों हैं परेशान, जानिए सबकुछ

कई ऑनलाइन मार्केट प्लेस से बिटकॉइन खरीदे या बेचे जा सकते हैं. कई वेबसाइट्स भी बिटकॉइन खरीदती और बेचती हैं.

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बिटकॉइन क्या है और किसने की थी इसकी शुरुआत? बैंक इसे लेकर क्यों हैं परेशान, जानिए सबकुछ

नई दिल्लीः इन दिनों बिटकॉइन की खूब चर्चा हो रही है. दरअसल इसकी वजह है कि बिटकॉइन की कीमत, जो कि बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. बता दें कि एक बिटकॉइन की कीमत इस वक्त करीब 26 लाख रुपए हो गई है. यही वजह है कि निवेशक इन दिनों बिटकॉइन में खूब निवेश कर रहे हैं.

क्या है बिटकॉइन
बिटकॉइन एक वर्चुअल करेंसी है, जिसे क्रिप्टोकरेंसी भी कहा जाता है. बिटकॉइन को सातोशी नाकामोतो नामक शख्स द्वारा साल 2009 में बनाया गया था. हालांकि उस वक्त इसकी कीमत 5-6 रुपए प्रति बिटकॉइन थी. आम करेंसी की तरह बिटकॉइन को देखा या छुआ नहीं जा सकता. हालांकि इससे ऑनलाइन खरीद-फरोख्त हो सकती है. इससे कोई भी सामान खरीदा जा सकता है. खास बात ये है कि इंटरनेशनल लेवल पर बिटकॉइन से पेमेंट करना फायदेमंद है क्योंकि अभी तक बिटकॉइन पर किसी देश या किसी संस्था का रेगुलेशन नहीं है. बिटकॉइन की बढ़ती कीमत के चलते इन दिनों लोग बिटकॉइन में खूब निवेश कर रहे हैं.

कैसे खरीदा जाता है बिटकॉइन
कई ऑनलाइन मार्केट प्लेस से बिटकॉइन खरीदे या बेचे जा सकते हैं. कई वेबसाइट्स भी बिटकॉइन खरीदती और बेचती हैं. डिजिटल तरीके से कैश जैसे भेजा जाता है, वैसे ही बिटकॉइन का लेन-देन किया जा सकता है. ट्रेडिंग के लिए यूजर को अपना अकाउंट बनाना होता है. इसी अकाउंट से बिटकॉइन की ट्रेडिंग की जा सकती है.

क्या है बिटकॉइन माइनिंग
बिटकॉइन को कंप्यूटर पर ही गणित के जटिल सवाल हल करके भी हासिल किया जा सकता है. इस तरह बिटकॉइन पाने को बिटकॉइन माइनिंग कहा जाता है. बिटकॉइन शुरुआत में भी इसी तरह बनाया गया था. अभी भी लोग बिटकॉइन माइनिंग कर इस क्रिप्टोकरेंसी को प्राप्त कर रहे हैं.

बिटकॉइन वॉलेट
बिटकॉइन एक डिजिटल वॉलेट में स्टोर रहते हैं. इस डिजिटल वॉलेट को ही बिटकॉइन वॉलेट कहा जाता है. यह बिटकॉइन वॉलेट यूजर के कंप्यूटर पर या फिर ऑनलाइन क्लाउड पर हो सकता है. बिटकॉइन वॉलेट एक तरह का वर्चुअल बैंक अकाउंट हैं. जिसे एक खास पासवर्ड से ही खोला जा सकता है. अगर किसी यूजर ने इस डिजिटल वॉलेट का पासवर्ड गुम कर दिया तो फिर उसका बिटकॉइन भी गुम हो जाएंगे.

ऐसा ही एक मामला हाल ही में सामने आया है, जहां एक व्यक्ति के बिटकॉइन वॉलेट में 7000 बिटकॉइन हैं, जिनकी कीमत करोड़ों में है. लेकिन वह अपने बिटकॉइन वॉलेट का पासवर्ड भूल गया है. इस तरह से वह करोड़पति होते हुए भी उसके पास कुछ नहीं है. एक स्टडी के मुताबिक कुल बिटकॉइन के 25 फीसदी तो ऐसे ही कारणों से गुम हैं.

क्या हैं बिटकॉइन के खतरे
बिटकॉइन के ऑनलाइन लेनदेन की खास बात ये है कि इसका कोई रिकॉर्ड नहीं होता है. जिसके चलते बिटकॉइन खरीदने या बेचने वाले व्यक्ति को ढूंढ पाना लगभग नामुमकिन है. यही वजह है कि कई देशों में गैरकानूनी कामों जैसे ड्रग्स आदि खरीदने के लिए बिटकॉइन का इस्तेमाल किया जा रहा है. आशंका है कि बिटकॉइन सुरक्षा के लिए भी खतरा हो सकता है.

बैंक क्यों हैं इसे लेकर परेशान
दरअसल तकनीक और इंटरनेट के बढ़ते असर के चलते बिटकॉइन के इस्तेमाल में खासी बढ़ोत्तरी हुई है. दुनियाभर में निवेशक क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर रहे हैं. बता दें कि बिटकॉइन की तरह ही कई अन्य वर्चुअल करेंसी भी अस्तित्व में हैं. लेकिन इनमें बिटकॉइन का वर्चस्व है और कुल क्रिप्टोकरेंसी में 69 फीसदी हिस्सेदारी बिटकॉइन की है.

चूंकि इस करेंसी का नियमन (रेगुलेशन) नहीं है. इसके कारण दुनियाभर के बैंक इसे लेकर चिंतित हैं. क्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन में किसी भी थर्ड पार्टी जैसे बैंक आदि की जरूरत नहीं होती. ऐसे में कर चोरी की आशंका है. देश बिटकॉइन तो करेंसी के तौर पर मान्यता नहीं दे रहे हैं. ऐसे में बिटकॉइन से अर्थव्यवस्था के लिए खतरा पैदा हो सकता है.

बिटकॉइन क्या है | Bitcoin Kya Hai

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बिटकॉइन क्या है | Bitcoin Kya Hai

बिटकॉइन एक विकेंद्रीकृत डिजिटल मुद्रा है Bitcoin अंग्रेजी भाषा के शब्द ‘Crypto’ से बना है, जिसका अर्थ गुप्त/ रहस्यात्मक होता है, बिटकॉइन से कोई भी व्यक्ति बिना किसी मध्यस्थ के सीधे खरीद - फरोख्त और विनिमय कर सकता है बिटकॉइन वर्चुअल करेंसी है। बिटकॉइन की शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी, जो आज धीरे-धीरे इतनी लोकप्रिय हो गई है कि एक बिटकॉइन की कीमत लाखों रुपये के बराबर पहुंच गई है। बिटकॉइन का जनक/निर्माता सातोशी नकामोतो को कहा जाता है इनके ही प्रयासों से बिटकॉइन प्रचलन में आया है बिटकॉइन को अनेको कंपनियों ने स्वीकार किया है जैसे – Microsoft, Tesla आदि ने इसे एक्सचेंज के रूप में अपना लिया हैं। बिटकॉइन की सबसे छोटी यूनिट Satoshi हैं 1 Bitcoin = 10,00,00,000 Satoshi होता है Satoshi Nakamoto को Bitcoin का Founder भी कहा जाता है।

क्रिप्टो करेंसी क्या है | Crypto Currency kya hai

बिटकॉइन को ही क्रिप्टोकरेंसी कहा जाता है, क्योंकि भुगतान के लिए यह क्रिप्टोग्राफी का इस्तेमाल करता है।

Bitcoin

दुनिया का पहला बिटकॉइन शहर

मध्य अमेरिकी देश अल सल्वाडोर दुनिया के पहले बिट कॉइन शहर के निर्माण की योजना बना रहा है, अल सल्वाडोर बिट कॉइन को क़ानूनी निविदा के रूप में मान्यता देने वाला एकमात्र देश है

फंडिंग के लिए अब बिटकॉइन का इस्‍तेमाल कर रहे आतंकी संगठन, वजह भी है खास

फंडिंग के लिए अब बिटकॉइन का इस्‍तेमाल कर रहे आतंकी संगठन, वजह भी है खास

नई दिल्ली [न्‍यूयॉक टाइम्‍स]। आतंकी संगठन अपने को हर तरह से हाइटेक करने की दिशा में काम कर रहे हैं। अभी तक उनके पास सिर्फ आधुनिक हथियार ही मिलने की बातें सामने आ रही थीं मगर अब वो अपने को मजबूत करने के लिए बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरंसी से फंड जुटाने के काम में भी लग गए हैं। चूंकि बिटकॉइन से पैसे जुटाने में बहुत अधिक तकनीकी या नाम-पते की जरुरत नहीं है इस वजह से वो इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।बिटकॉइन की तरफ आने की एक बड़ी वजह उनके फंड जुटाने में हो रही समस्‍या और इसकी पकड़-धकड़ भी है। जिन आतंकी संगठनों को अब तक इस तरह की करंसी के बारे में बहुत अधिक जानकारी नहीं थी वो भी फंडिंग के लिए अब बिटकॉइन की कार्य प्रणाली को तेजी से सीख रहे हैं।

हमास ने की शुरुआत
इसका जीता जागता उदाहरण प्रतिबंधित आतंकी संगठन हमास है। यह फिलिस्तीनी आतंकवादी संगठन है जिसको कई देशों ने बैन किया है। आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से इस संगठन के खाते बंद कर दिए गए थे। इस साल, इसके सैन्य विंग ने बिटकॉइन का उपयोग करके धन जुटाने के लिए तेजी से एक अभियान की शुरुआत की है।

कसम ब्रिगेड ने स्थापित किया विंग
विंग द्वारा स्थापित वेबसाइट के लेटेस्ट संस्करण में इसके लिए फंड देने वाले हर व्‍यक्ति को को बिटकॉइन का पता दिया जाता है, उस पते पर वो डिजिटल मुद्रा भेज सकता है। इस विंग को कसम ब्रिगेड के रुप जाना जाताा है। अब आतंकी संगठन जिस विधि से फंड जुटाने के लिए काम कर रहे हैं उससे इंफोर्समेंट कानून के तहत उनकी ट्रैकिंग कर पाना लगभग असंभव है। आतंकियों ने इस साइट के माध्यम से पैसा जुटाने के लिए इसमें सात भाषाओं का विकल्प रखा है जिससे इन भाषाओं के जानकार आसानी से फंड दे सकें। हमास की पहचान के लिए वेबसाइट पर बने लोगों में एक हरे रंग का झंडा और एक मशीन गन है। इसमें बिटकॉइन से कैसे फंडिंग की जाए इसको लेकर एक वीडियो भी अपलोड किया गया है। इसके जरिए फंड करने वाले बिना इफोर्समेंट डिपार्टमेंट की नजर में आए पैसा भेज सकते हैं।

फंड के लिए कर रहे बिटकॉइन का इस्तेमाल
आतंकवादी अब फंडिंग के लिए अन्य बिटकॉइन का उपयोग तरीकों का इस्तेमाल करने से बच रहे हैं वो अपने को सीधा बिटकॉइन की ओर मोड़ रहे है और अपनी जरूरत की चीजों को खरीदने में इसी का इस्तेमाल कर रहे हैं, फिर चाहे वो दवा खरीदने का काम हो या फिर मनी लांड्रिंग करने का काम हो। आतंकवादी संगठनों के बिटकॉइन की तरफ जाने के बाद इन संगठनों के वित्तपोषण पर नजर रखने वाले डिपार्टमेंट ने इसको लेकर अलार्म बजाना शुरू कर दिया है। बिटकॉइन की तरफ जाने की एक बड़ी वजह ये भी है कि इसके माध्‍यम से बिना जानकारी दिए कोई भी व्‍यक्ति या संगठन हजारों या लाखों डॉलर फंड कर सकता है।

आसान है बिटकॉइन से फंडिंग
अधिकारियों का मानना है कि किसी भी आतंकी ग्रुप को खड़ा और मजबूत करने में अधिक मात्रा में पैसे की आवश्यकता होती है। ऐसे में बिटकॉइन का मांग बढ़ जाती है। सीआईए के पूर्व विश्लेषक याया फैनुसी ने कहा कि अगले कुछ महीनों में आप इसे और अधिक देखने जा रहे हैं। उनका कहना है कि अब क्रिप्टोकरंसी का उपयोग गलत और दुष्ट लोग अधिक कर रहे है, ये करंसी आतंकवादियों को फंड मुहैया कराने का एक जरिया बनती जा रही है। बिटकॉइन जैसी करंसी के माध्यम से पैसा जुटाना आसान हो गया है क्योंकि इसे आसानी से ट्रेस नहीं किया जा सकता है। इसकी ओर एजेंसियों का भी ध्यान नहीं है। उनको भी इस ओर ध्यान देना चाहिए। ट्रेजरी सचिव स्टीवन मेनुचिन ने अपने भाषणों में इस मुद्दे पर ध्यान आकर्षित किया है।

कानून तोड़कर पैसा जमा करने के लिए क्रिप्टोकरंसी
नियम कानून तोड़कर पैसा जमा करने वालों के लिए क्रिप्टोकरंसी एक बहुत बढ़िया साधन बन गया है। क्योंकि वो इसके माध्यम से पैसे को जमा कर बिटकॉइन का उपयोग सकते हैं और ट्रांसफर भी कर सकते है। केंद्रीय एजेंसियां इनको आसानी से पकड़ भी नहीं पाती है। यदि एजेंसियों की इन पर निगरानी हो तो इनके खाते को बंद किया जा सकता है और फंड को फ्रिज किया जा सकता है। विश्व के किसी भी कोने में रहने वाला कोई भी बिटकॉइन के माध्यम से पैसे रिसीव कर सकता है इसके लिए उसे एड्रेस और अपना नाम, पता भी देने की जरुरत नहीं है। अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान, वेनेजुएला और रूस जैसे देशों ने अपनी खुद की क्रिप्टोकरेंसी बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो बिटकॉइन अपने तकनीकी वजहों के कारण अभी तक पैठ बनाने में कामयाब नहीं हो पाई है, लेकिन इसकी कवायद जारी है।

दान से चल रहे संगठन
गाजा के फिलिस्तीनी तटीय क्षेत्र को नियंत्रित करने वाला संगठन हमास परंपरागत रूप से कतर जैसी विदेशी सरकारों से करोड़ों डॉलर के दान पर बचा है। पश्चिमी समर्थित फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने बीते साल हमास जैसे संगठन पर प्रतिबंध लगाकर उनकी वित्तीय स्थिति को नुकसान पहुंचाया था।

बिटकॉइन का उपयोग करने की कर रहे कोशिश
मिडिल ईस्ट मीडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट के कार्यकारी निदेशक स्टीवन स्टालिंस्की ने सभी आर्थिक प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि हम बिटकॉइन का उपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। मेमरी संगठन के रूप में जानी जाने वाली स्टालिंस्की का संगठन आतंकवादी संगठनों द्वारा क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग के बढ़ते संकेतों के बारे में 253 पन्नों की रिपोर्ट प्रकाशित करने वाला है।

बिटकॉइन का इस्तेमाल करना अपराध है? केंद्र सरकार दे जवाब: सुप्रीम कोर्ट

जस्टिस सूर्यकांत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करे कि क्या बिटकॉइन और क्रिप्टो करेंसी का प्रयोग एक अपराध है?

  • SC ने कहा, वैधानिक स्थिति स्पष्ट हो.
  • बिटकॉइन से जुड़े मामले में मौखिक टिप्पणी.

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बिटकॉइन का इस्तेमाल करना अपराध है? केंद्र सरकार दे जवाब: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है.कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि केंद्र को ​क्रिप्टो करेंसी (जैसे बिटकॉइन) को लेकर लीगल स्थिति के बारे में स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इसका प्रयोग करना एक अपराध है?

जस्टिस डी वाई चन्द्रचूड़ की बेंच में शामिल जस्टिस सूर्यकांत ने ये मौखिक टिप्पणी ईडी की ओर से अजय भारद्वाज की जमानत रद्द करने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की है.

ईडी की ओर से पैरवी करते हुए एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को बताया कि कई बार समन दिये जाने के बावजूद आरोपी पूछताछ में शामिल नही हो रहा है. अजय भारद्वाज को सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2019 में 1 करोड़ के डिपोजिट के साथ अग्रिम जमानत दी थी. कोर्ट ने भारद्वाज के खिलाफ किसी प्रकार की दण्डात्मक कार्यवाही करने पर भी रोक लगायी थी. जिसके खिलाफ ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.

क्या अपराध है बिटकॉइन का प्रयोग?
जस्टिस सूर्यकांत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करे कि क्या बिटकॉइन और क्रिप्टो करेंसी का प्रयोग एक अपराध है?

एएसजी भाटी ने किया विरोध
वहीं एएसजी भाटी ने अजय भारद्वाज की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला 80 हजार बिटकॉइन से जुड़ा है जिसका मूल्य करीब 20 हजार करोड़ है.कोर्ट ने अजय भारद्वाज को जरूरत होने पर ईडी के सामने पेश होने के निर्देश दिये हैं.मामले के जांच अधिकारी को भी फ्रेश स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिये हैं.

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