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फाइनेंस कितने प्रकार का होता है

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पर्सनल लोन 2022।।Personal loan information in hindi

पर्सनल लोन मंज़ूरी की संभावना को बेहतर बनाने के लिए टिप्स (Loan Kaise Milta Hai) यहां सामान्य मानदंड दिए गए हैं, जिन्हें आपको अपने पर्सनल लोन आवेदन के लिए मंज़ूरी प्राप्त करने के लिए पूरा करना होगा। पर्सनल लोन(Personal loan apply) आपके नियोजित या अनियोजित खर्चों के लिए शीघ्र धन प्राप्त करने में आपकी मदद … Read more

OD Account in Hindi-CC Account in Hindi-OD account kya hai-OD ACCOUNT

OD account kya hai-OD Account in Hindi–Overdraft Kya Hai-OD ACCOUNT OD account meaning-ओवरड्राफ्ट(OD account kya hai) क्या होता है? इस सुविधा के अनुसार आप अपने बैंक में जमा राशि से ज्यादा से ज्यादा पैसे निकाल सकते हैं इसकी एक अलग प्रक्रिया होती है और बैंक की कुछ शर्तों का पालन करना पड़ता है। उसके बाद … Read more

जीएसटी क्या है?-GST KYA HAI-GST IN HINDI

जीएसटी(goods and service tax) के बारे में जाने :- इनपुट जीएसटी क्या है? आउटपुट जीएसटी(OUTPUT GST) क्या है? चार टाइप की जो सीजीएसटी(CGST), एसजीएसटी(SGST) आईजीएसटी(IGST), यूटीजीएसटी(UTGST) ये सब क्या है ? जीएसटी के स्लैब कितने होते हैं? जीएसटी कहता है कि एक देश एक टैक्स होना चाहिए लेकिन ये अधूरा सत्य है गवर्नमेंट के पास … Read more

MSME क्या है ? – MSME KYA HAI?

MSME क्या है ? MSME को माइक्रो स्माल मीडियम इंटरप्राइजेज (MICRO SMALL MIDIUM INTERPRISES) कहते है जिसे हिंदी में सूक्ष्म लघु माध्यम उद्योग कहते है। MSME में मैन्युफैक्चरिंग एंड सर्विसेज क्षेत्र दोनों को लिया जाता है। इन्वेस्टमेंट और टर्नओवर के आधार पर हम दोनों क्षेत्र को माइक्रो, सूक्ष्म और स्माल क्षेत्र में विभाजित कर सकते … Read more

सिबिल स्कोर क्या होता है?- Cibil score kya hota hai

सिबिल स्कोर -CIBIL SCORE-Credit Information Bureau (India) Limited बैंक पहले जब हमें लोन देते थे तो कस्टमर का सारा रिकॉर्ड मैनुअली मेंटेन करके रखते थे, तो बैंक या फाइनेंस कंपनियों के पास एक दूसरे बैंक का का कस्टमर के बारे में कोई भी रिकॉर्ड नहीं होता था यदि कोई कस्टमर फ्रॉड करता थी तो दूसरे … Read more

EMI कैलकुलेटर

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Home Loan कितने सालों का होना चाहिए? अपनी उम्र के आधार पर लें फैसला और साथ में इन बातों का रखें विशेष ध्यान

अगर आप करियर के शुरुआत में हैं तो लंबी अवधि के लिए होम लोन उपयुक्त माना जाता है. ईएमआई कम रहती है और वक्त के साथ आपकी कमाई बढ़ती है जिसके कारण किसी तरह की वित्तीय परेशानी से बचते हैं.

Home Loan कितने सालों का होना चाहिए? अपनी उम्र के आधार पर लें फैसला और साथ में इन बातों का रखें विशेष ध्यान

TV9 Bharatvarsh | Edited By: संजीत कुमार

Updated on: Jan 11, 2022 | 7:10 AM

Home Loan: इस समय होम लोन (Home Loan) पर इंट्रेस्ट रेट काफी कम है जो सालों के न्यूनतम स्तर पर है. फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स घर खरीदने के साथ-साथ निवेश के लिहाज से भी इसे उपयुक्त समय मान रहे हैं. जैसा कि हम जानते हैं होम लोन कर्ज के पहाड़ की तरह होता है जिसे सालों-साल तक चुकाना पड़ता है. ऐसे में जब आप होम लोन की मदद से अपने लिए घर खरीदने का फैसला करते हैं तो कई फैक्टर्स पर ध्यान देने की जरूरत होती है. लोन का अमाउंट (Loan Amount) कितना होगा, इंट्रेस्ट रेट कितना है, ईएमआई (EMI) कितनी होगी और यह कितने सालों तक चुकानी होगी.

अमूमन होम लोन की अवधि 5-30 सालों की होती है. अगर होम लोन 20 या उससे अधिक 30 सालों का होगा तो EMI कम होगी. वहीं, लोन की अवधि कम होगी तो ईएमआई ज्यादा होगी. हालांकि, इसमें इंट्रेस्ट का भुगतान कम करना होगा. ऐसे में यह जानना कि आपके लिए कितने सालों का होम लोन उपयुक्त फाइनेंस कितने प्रकार का होता है है, कंफ्यूजिंग होता है. हालांकि, इसकी जानकारी भी जरूरी है. होम लोन को लेकर इस तरह का कोई फैसला करने से पहले इन चार बातों को ध्यान में रखें.

उम्र के आधार पर करें लोन अवधि का फैसला

अगर आप करियर के शुरुआत में हैं तो लंबी अवधि के लिए होम लोन उपयुक्त माना जाता है. ईएमआई कम रहती है और वक्त के साथ आपकी कमाई बढ़ती है जिसके कारण किसी तरह की वित्तीय परेशानी से बचते हैं. वहीं आपकी उम्र अगर 40 साल या इससे अधिक है तो कम अवधि वाला होम लोन फायदेमंद माना जाता है. टेन्योर कम रखने से बैंक भी आसानी से लोन देगा और ढलती उम्र के साथ यह जरूरी है कि आप रिटायरमेंट से पहले तक सभी वित्तीय जिम्मेदारियों को पूरा कर लें. बैंक अधिकतम आपकी रिटायरमेंट उम्र तक का लोन उपलब्ध करा सकता है. मान लीजिए की आपकी उम्र 28 साल है तो होम लोन का मैक्सिमम टेन्योर 32 साल तक का हो सकता है.

लोन अमाउंट कितना है?

अगर आपको लोन अमाउंट ज्यादा होगा तो EMI भी ज्यादा होगी. ऐसे में उतना ही लोन लें जितना आपकी वर्तमान इनकम है. भविष्य में होने वाली किसी तरह की इनकम के आधार पर वर्तमान में कर्ज लेने से बचें. अगर लोन अमाउंट आपकी वर्तमान सालाना इनकम से 2-3 गुना तक है तो लोन की अवधि को कम रखें. अगर लोन अमाउंट आपकी इनकम के मुकाबले बहुत ज्यादा है तो रीपेमेंट के लिए लंबी अवधि का चुनाव करें.

क्या कोई कर्ज पहले से भी है?

होम लोन लेते समय इस बात को भी ध्यान में रखें कि आप पर किसी और तरह का कर्ज तो नहीं है, जैसे पर्सनल लोन, कार लोन, क्रेडिट कार्ड बिल, गोल्ड लोन. अगर आप पर पहले फाइनेंस कितने प्रकार का होता है से कर्ज है तो दो काम कर सकते हैं. पहला काम इन कर्ज को जल्द चुकाएं जिससे होम लोन में कई तरह के लाभ मिलेंगे. आपको इंट्रेस्ट रेट में रियायत मिलेगी, लोन टेन्योर का चुनाव सही तरीके से कर पाएंगे. दूसरा विकल्प ये है कि पुराने कर्ज के साथ-साथ लंबी अवधि वाला होम लोन लें जिससे कि आप वित्तीय दबाव में ना रहें.

फाइनल फैसले से पहले इन बातों को ध्यान में रखें

इन महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखते हुए अपने लिए होम लोन का फैसला करें. जब आप होम लोन ले लेते हैं तो रीपेमेंट में डिफॉल्ट होने की कोशिश नहीं करें. होम लोन से पहले अपनी वर्तमान इनकम, फ्यूचर इनकम, वर्तमान के खर्च, फ्यूचर में संभावित खर्ज, इमरजेंसी सिचुएशन को ध्यान में रखते हुए ही लोन अमाउंट और ईएमआई के बारे में फैसला लें. जैसा कि हम जानते है होम लोन पर टैक्स में भारी छूट मिलती है. ऐसे में टैक्स सेविंग पर्पस को भी ध्यान में रखें.

Bajaj Card EMI क्या है व ये कैसे बनाये हिंदी में फाइनेंस कितने प्रकार का होता है जानकारी

यह आर्टिकल Bajaj Card EMI के बारे में है जिसमे हम आपको आज बतायेगे की बजाज ईएमआई क्या होता है और यह किसलिए बनाया जाता है व ये बनाने पर आपको क्या क्या फायदे हो सकते है इन सब के बारे में आपको आज हम जानकारी देने वाले है जिससे की आप भी बहुत ही आसानी से अपना ईएमआई कार्ड बनवा सकते है.

bajaj emi card kaise banaye

आज भारत के सभी युवा इसके लिए आवेदन कर सकते है व इससे आपको कई अलग अलग तरीके के फायदे भी मिलते है जिसके कारण आज लाखो लोग इसका इस्तमाल करते है व Bajaj Card का सबसे बड़ा फायदा ये होता है की इससे आप कोई भी सामान बहुत ही आसानी से ईएमआई पर खरीद सकते है व सामान की रकम को किस्तों में चूका सकते है इससे सभी लोगो को महंगे सामान खरीदने का मौका मिल जाता है.

Bajaj Card EMI क्या है

बजाज ईएमआई pre approved loan होता है इसके माध्यम से आप किसी भी प्रकार प्रोडक्ट जैसे इलेक्ट्रॉनिक, मोबाइल, appliances, फर्नीचर, gym membership,कपडे आदि कई अलग अलग प्रकार के सामान को आसान किस्तों में खरीद सकते है इसकी किस्ते 3, 6, 9, 12 माह तक की होती है.

कई लोगो के पास किसी महंगे सामान को खरीदने के लिए इतने पैसे नहीं होती की एक साथ इतने पैसे देकर लोग वो सामान खरीद सके ऐसे में अगर आपके पास बजाज कार्ड है तो आप उस सामान को बजाज ईएमआई पर खरीद सकते है और इससे आपको एक साथ उस सामान के पैसे नहीं देने होते आप आसान किस्तों में उसकी राशि चूका सकते है व इसमें आपको किसी प्रकार का interest भी नहीं देना होता.

बजाज ईएमआई पर आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार से सामान खरीद सकते है इसकी क़िस्त की राशि प्रतिमाह 2 तारीख को सीधे आपके बैंक खाते से काटी जाती है अगर आप समय पर ईएमआई नहीं भर पाते तो ऐसे में कंपनी फाइनेंस कितने प्रकार का होता है अपने late payment करने का चार्ज लेती है.

Bajaj EMI Card कितने प्रकार का होता है

कई लोगो को इसके बारे में जानकारी नहीं होती की बजाज में कितने प्रकार के ईएमआई कार्ड होते है तो इसके बारे में हम आपको बता देते है ये दो प्रकार के कार्ड होते है.

  • Gold Card – इसको बनाने के लिए आपको 412 रुपये pay करने पड़ते है.
  • Titanium Card – इसको बनाने के लिए आपको 884 रुपये pay करने पड़ते है.

बजाज ईएमआई कार्ड बनाने के लिए योग्यता

अगर आप अपना बजाज ईएमआई कार्ड बनाना चाहते है तो इसके लिए आपके पास कुछ दस्तावेज होने जरुरी है तभी आप अपना ईएमआई कार्ड बना सकते है.

  • इसमें आवेदन करने के लिए न्यूनतम उम्र सीमा 18 वर्ष होनी जरुरी है.
  • आपके पास आधार कार्ड और पैन कार्ड होना जरुरी है.
  • आपका बैंक में खाता होना जरुरी है जिससे आप लेनदेन भी करते है.
  • आपका CIBIL Score Record अच्छा होना जरुरी है.
  • आपके पास एक cancel चेक होना जरुरी है.
  • आपके पास आपका नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो होना जरुरी है.

Bajaj Finserv EMI Card कैसे बनाये

अगर आप नया बजाज कार्ड बनाना चाहते है तो बहुत ही आसानी से बना सकते है इसके लिए आप दो अलग अलग तरीके से आवेदन कर सकते है हम आपको दोनों तरीके द्वारा आवेदन करने के बारे में बता रहे है.

ऑनलाइन बजाज कार्ड के लिए आवेदन

ऑनलाइन आवेदन सिर्फ बजाज यूजर ही कर सकते है जिन्होंने पहले से बजाज कार्ड के लिए आवेदन किया हुआ हो या बजाज पर कोई सामान ख़रीदा हो वो लोग ऑनलाइन इसके लिए आवेदन कर सकते है इसके लिए आपको 399 pay करने होते है व उसके बाद आपको 2 सप्ताह में बजाज कार्ड प्राप्त हो जाता है.

ऑफलाइन बजाज कार्ड के लिए आवेदन

भारत में आज लगभग 950+ शहरों और उनके 43000+ ब्रांच के होने के कारण अब आप बहुत ही आसानी फाइनेंस कितने प्रकार का होता है से इसके लिए आवेदन कर सकते है इसके लिए आपको किसी भी इलेक्ट्रॉनिक सामन विक्रेता ( जो बजाज ईएमआई पर सामान दे ) वहां जानकारी आपको कोई भी सामान खरीदना है उसके बाद आपको बजाज कार्ड पर सामान लेना है इसके लिए आपको ऊपर बताये दस्तावेज उस विक्रेता को दिखने होते है उसके बाद वो आपको बजाज कार्ड बना के देता है.

बजाज कार्ड बनाने के फायदे

अगर आप बजाज कार्ड बनाते है तो इससे आपको कई अलग अलग प्रकार के फायदे होते है जिसके बारे में हम आपको बता रहे है.

  • इससे आप किसी भी प्रकार का सामान ईएमआई पर खरीद सकते है.
  • इससे आप कोई भी महँगा सामान बहुत ही आसान किस्तों में खरीद सकते है.
  • इसमें आपको किसी भी प्रकार का इंटरेस्ट भी नहीं देना होता.
  • इसके द्वारा आप पर्सनल लोन भी प्राप्त कर सकते है.
  • इससे आप ट्रेवल्स लोन भी ले सकते है.

इसके आलावा भी अगर आप बजाज कार्ड बनाते है तो इससे आपको कई अलग अलग प्रकार के फायदे होते है.

Calculation – इस आर्टिकल में हमने आपको Bajaj Card EMI कैसे बनाते है व इसके फायदे क्या क्या होते है इसके बारे में जानकारी दी है हमे उम्मीद है की आपको इसके बारे में बताई जानकारी उपयोगी लगी होगी अगर आप इससे संबधित किसी प्रकार का सवाल पूछना चाहते है तो आप हमे कमेंट भी कर सकते है व जानकारी उपयोगी लगे तो इसको अपने मित्रो के साथ share भी जरूर करें.

Financial Market & Its Types : वित्तीय बाजार और इसके प्रकार

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Financial market या वित्तीय बाजार पहली बार में एक तकनीकी शब्द की तरह लग सकता है लेकिन एक बार जब आप इसे समझने की कोशिश करते हैं तो यह आपके लिए बहुत की आसान और व्यावहारिक हो जाता है. बाजार एक ऐसी जगह को कहते हैं जहां वस्तुओं, सेवाओं का आदान-प्रदान होता है. इसी तरह, वित्तीय बाजार का मतलब उस जगह से है जहां bonds, equity, securities, currencies और traded का कारोबार होता है. सामान्य बाजार की तरह, कुछ दुकानें बड़ी होती हैं, जबकि कुछ यहाँ समान होती हैं, कुछ वित्तीय बाज़ार दैनिक रूप से खरबों डॉलर का security business करते हैं और कुछ कम active के साथ छोटे पैमाने पर बिजनेस करते हैं.

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Types of Financial Markets – वित्तीय बाजारों के प्रकार

विभिन्न प्रकार के वित्तीय बाजार हैं और उनमें से कुछ नीचे दिए गए हैं:

Over the Counter or OTC Market – ओवर द काउंटर (OTC) / टेलीफोन मार्केट

उन सभी सार्वजनिक स्टॉक एक्सचेंज और न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज जिन्हें NASDAW, अमेरिकन स्टॉक एक्सचेंज और न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध नहीं किया गया है. यह बाजार मुख्य रूप से उन कंपनियों से संबंधित है जो आमतौर पर छोटी कंपनियां हैं जिन्हें सस्ते में कारोबार किया जा सकता है और उनका विनियमन कम है.

Bond Market – बांड बाजार

यह उस बाजार को संदर्भित करता है जहां ब्याज की पूर्वनिर्धारित दर पर निवेशक एक निश्चित समय अवधि के लिए सुरक्षा के रूप में बांड पर पैसा उधार लेते हैं. बांड बड़े पैमाने पर निगमों, राज्यों, नगर पालिकाओं और संघीय सरकारों द्वारा दुनिया भर में जारी किए जाते हैं.

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Money Markets – मुद्रा बाजार

यह उस जगह को संदर्भित करता है जहां उच्च तरल और लघु परिपक्वता का कारोबार होता है, प्रतिभूतियों का उधार जो एक वर्ष से कम समय में परिपक्व होता है.

Derivatives Market – डेरिवेटिव बाजार

यह उस स्थान को संदर्भित करता है जहां व्यापार की प्रतिभूतियों का मूल्य इसकी प्राथमिक संपत्ति से निर्धारित होता है.

Forex Market – विदेशी मुद्रा बाजार

यह उस बाजार को संदर्भित करता है जहां निवेशक विदेशी मुद्राओं में व्यापार करते हैं.

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वित्तीय बाजार और संस्थाएँ (Financial Markets and Institutions)

कोई भी संगठन जो अर्थव्यवस्था में निवेश और बचत के कुशल प्रवाह में मदद करता है और वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन के लिए धन की वृद्धि को सुविधाजनक बनाने में मदद करता है. निवेशकों(investors ), रिसीवर(receiver) और किसी देश की समग्र अर्थव्यवस्था की मांगों को वित्तीय उत्पादों (financial products) और उपकरणों(instruments ) और वित्तीय बाजारों और संस्थानों(financial markets and institutions) द्वारा पूरी की जाती है. यह विशाल वित्तीय बाजार निवेशकों को किसी विशेष सेवा और बाजारों में विशेषज्ञ(specialise) होने का अवसर देता है. देश के विकास में financial market की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. वित्तीय संस्थान बैंकिंग, इंश्योरैंस, म्यूचुअल फंड, शेयर बाज़ार, गृह ऋण, दूसरे ऋण, क्रेडिट कार्ड के क्षेत्रो मे काम करते है. वित्तीय संस्थान मुख्य रूप से देश मे मुद्रा के प्रवाह को नियंत्रित करते हैं.

वित्तीय बाजार (Financial Market ): कार्य ( Functions )

वित्तीय बाजारों के कुछ कार्य इस प्रकार हैं:

  • वित्तीय बाजार मुख्य रूप से सबसे उत्पादक तरीकों में व्यापार करके बचत करने के लिए जिम्मेदार है.
  • Securities prices भी निवेशकों के साथ बातचीत और बाजार में मांग और आपूर्ति के आधार पर तय की जाती हैं.
  • Bartered assets को वित्तीय बाजार के माध्यम से तरलता मिलती है.
  • वित्तीय बाजार सबसे प्रभावी स्थान है क्योंकि यहाँ securities की डील के लिए संभावित ग्राहकों को खोजने के लिए अतिरिक्त समय और पैसा खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती.

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