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शेयर बाजार को कैसे समझें

शेयर बाजार को कैसे समझें
NIFTY 1991-2022, Source: TradingView chart

Nifty in Hindi: निफ्टी क्या है? – इसकी गणना कैसे होती है

निफ्टी क्या है?- इसकी गणना कैसे होती है? यदि आप इस सवाल का जवाब खोजते हुए, यहाँ आये है, तो आप बिल्कुल सही जगह आये है। इस article में हम सबने Nifty50 और National Stock Exchange से संबंधित सभी जानकारियों को समाहित किया है।

What is Nifty in Hindi?

निफ्टी क्या है?

NSE का full form National Stock Exchange of India है। निफ्टी में 50 कंपनियां शामिल होती है। इसकी शुरुआत नवंबर 1994 को हुयी थी। Nifty शब्द- National और Fifty से मिलकर बना है। यहाँ Fifty नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में शामिल 50 कंपनियों के लिए है।

निफ्टी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक है

निफ्टी(Nifty) के बारें में जानने के पहले आपको शेयर बाजार क्या है तथा इसमें निवेश कैसे करते है, इस बात की जानकारी होनी चाहिए।

संक्षेप में :
Stock Market(शेयर बाजार) :- शेयर बाजार में शेयरों की खरीद-बिक्री होती है।
Equity(शेयर) :- शेयर का अर्थ होता है हिस्सा, किसी कंपनी में लगने वाले पूंजी(capital) का हिस्सा।

भारत में दो सूचकांक है

निफ्टी की जानकारी?

Nifty नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध 50 प्रमुख कंपनियों के शेयरों का सूचकांक है। यह National Stock Exchange में शामिल कंपनियों को Index करता है।

NSE में 1600 से भी ज्यादा companies registered है। निफ्टी इन सभी कंपनियों को इंडेक्स नही करता। निफ्टी में इंडेक्स होने के लिए देश के 12 अलग-अलग सेक्टर की 50 सबसे बड़ी, आर्थिक रूप से मजबूत तथा सबसे ज्यादा मार्केट कैप वाली कंपनियों को चुना जाता है।

ये कंपनिया देश के कई क्षेत्रों(sector) जैसे – Bank, Real estate, Media, Information technology, Auto, Financial services, Pharma, Metal, FMCG, Energy इत्यादि वर्गों से आती है।

निफ्टी की शुरुआत वर्ष 1994 से हुयी थी, जबकि इसका base year एक वर्ष बाद नवंबर 1995 है, तथा base value 1000 है।

यहाँ Base Year तथा Base Value कहने का मतलब यह है की Nifty को वर्ष 1995 के Market Cap एवं base value 1000 को आधार मानकर कैलकुलेट करते है।

Nifty का प्रबंधन India Index Services and Products (IISL) करता है। निफ्टी के टॉप 50 कंपनियों में शामिल होने के लिए बीएसई-सेंसेक्स की तरह ही कंपनियों को कई शर्तों को पूरा करने की जरुरत पड़ती है। जिन्हें आप हमारे पिछले लेख: सेंसेक्स क्या होता है? में पढ़ सकते है।

निफ्टी की गणना कैसे होती है?

How Nifty is calculated in Hindi

निफ्टी की गणना(Calculation of Nifty) सेंसेक्स के तरह ही Free-float Market Capitalisation के आधार पर की जाती है। Nifty की गणना करते वक्त सेंसेक्स की गणना में उपयोग किये जानेवाले पद्धति का ही इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन कुछ टर्म निफ्टी में बदल जाते है।

जो इस प्रकार है –

  • Nifty की गणना करते वक्त आधार वर्ष(base year) 1995 और आधार वैल्यू(base value) 1000 का उपयोग किया जाता है।
  • Nifty की गणना में देश के 12 अलग-अलग सेक्टर की 50 सबसे ज्यादा मार्केट कैप वाली कंपनियों को चुना जाता है।

Market capitalisation तथा Free-float Market capitalisation क्या है

इन दोनों बातों को जानना आपके लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे संबंधित बातों को हमने पिछले आर्टिकल सेंसेक्स क्या है – आसानी से समझे में काफी अच्छे से बताया है, आप वहां इसके बारे में ज्यादा जानकारी हासिल कर सकते है।

Market Capitalisation(बाजार पूंजी) : Market Capitalisation किसी कंपनी की कीमत होती है।

Free-float Market Capitalisation : यह किसी कंपनी के शेयर का वो खुला हुआ हिस्सा होता है जो खरीदने के लिए उपलब्ध होता है। इसे open market share भी कहते है। ये स्टॉक मार्केट से खरीदा जा सकता है।

1991 – 2022 के वर्षों में निफ्टी का प्रदर्शन

NIFTY 1991-2022 Tradingview chart

NIFTY 1991-2022, Source: TradingView chart

निफ्टी क्या होता है और इसकी गणना कैसे होती है? आप जान चुके होंगे। शेयर बाजार में निवेश करने के पहले किन जरुरी बातों का ध्यान हमेशा रखना चाहिए आप इस निचे के लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते है।
शेयर बाजार में निवेश के कुछ जरूरी टिप्स(10+ Tips for Investing in Share Bazar)

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शेयर बाजार में निवेश करने से पहले इन 7 बातों का रखें ध्‍यान

Stock Market: अगर आप शेयर बाजार (Stock Market) में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो आपको कुछ बातों का ध्‍यान रखना जरूरी है.

  • Jaya Rai
  • Publish Date - April 7, 2021 / 01:14 PM IST

शेयर बाजार में निवेश करने से पहले इन 7 बातों का रखें ध्‍यान

सेंसेक्स में एचसीएल टेक दो प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ शीर्ष पर था, वहीं इन्फोसिस, भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, एलएंडटी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में भी तेजी देखी गयी

अगर आप शेयर बाजार (Stock Market) में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो आपको कुछ बातों का ध्‍यान रखना जरूरी है. अगर इन बातों को जाने बिना आपने निवेश किया तो आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है. शेयर बाजार (Stock Market) में अगर समझदारी से निवेश किया जाए तो आपको बेहतरीन रिटर्न मिलता है. वहीं कई बार जाने-अनजाने में निवेशकों को भारी नुकसान भी उठाना पड़ जाता है. ऐसे में शेयर बाजार (Stock Market) में निवेश करने से पहले उसके बारे में अच्‍छे से जान लेना बेहद जरूरी है. यहां हम आपको 7 ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जिनका ध्‍यान रखने से आपको शेयर बाजार में अच्‍छा रिटर्न मिलेगा.

पहले मूल बात को समझें:
शेयर बाजार (Stock Market) में निवेश करने से पहले आपको इसके बारे में अच्‍छे से जानकारी होना जरूरी है. वहीं इससे भी ज्‍यादा जरूरी ये है कि आप जिस कंपनी के शेयर खरीदने जा रहे हैं उसके बारे में भी अच्‍छी जानकारी हो. इसी के साथ आपको इस बात का भी अंदाजा होना चाहिए कि शेयर बाजार में निवेश करने का सबसे अच्‍छा समय कौन सा है.

स्टॉप लॉस का करें इस्‍तेमाल:
यह शेयर बाजार में आपके नुकसान को कम करने के सबसे अच्‍छे तरीकों में से एक है. ये बाजार में आपके मुनाफे को बनाए रखता है. आप अपने स्टॉक के लिए स्टॉप लॉस को ठीक कर सकते हैं. इसके इस्‍तेमाल से विशेष स्टॉप लॉस के स्तर पर कीमत हिट होने पर आपका स्टॉक अपने आप बिक जाएगा. वहीं अगर शेयर की कीमत गिरती है तो आपको ज्‍यादा नुकसान नहीं उठाना शेयर बाजार को कैसे समझें पड़ेगा.

अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाएं:
केवल एक कंपनी या एक सेक्टर में निवेश करना कभी भी अच्छा विचार नहीं है. इसे ऐसे समझें कि अगर कंपनी अच्‍छा प्रदर्शन नहीं करती है तो आपको नुकसान होगा. ऐसे में छोटे, मध्‍य और बड़े-कैप शेयरों में निवेश करना हमेशा अच्‍छा होता है. इससे शेयर बाजार में आपके मुनाफा कमाने की संभावना ज्‍यादा होती है.

एक स्थापित व्यवसाय में करें निवेश:
निवेश करने से पहले समझदारी बेहद जरूरी है. हमेशा व्यापार में निवेश न करें बल्कि उन व्यवसायों में निवेश करें जो टर्नअराउंड कंपनियों के लिए जाने के बजाय अच्छी तरह से स्थापित हैं. निवेश करने से पहले कंपनी की बुनियादी बातों के साथ भविष्य के विकास और क्षमता को समझें. वहीं किसी शेयर के मूल्यांकन पर ध्यान दें.

लांग टर्म पर दें शेयर बाजार को कैसे समझें शेयर बाजार को कैसे समझें ध्‍यान:
कई बार लोग जब शेयर बाजार में प्रवेश करते हैं तो तुरंत मुनाफा कमाने की सोचने लगते हैं. लेकिन शेयर बाजार में जल्‍दबाजी ठीक नहीं है. शॉर्ट टर्म के लिए शेयर बाजार में सोचने की जगह इसमें लांग टर्म के लिए निवेश करने के बारे में सोचे. हमेशा लांग टर्म में मिलने वाले रिटर्न को ध्‍यान में रखकर शेयर खरीदने के बारे में सोचे. इसकी शेयर बाजार को कैसे समझें वजह है कि शेयर बाजार में लांग टर्म के लिए निवेश लंबे समय में अन्य परिसंपत्तियों की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन करते हैं.

अफवाहों से बचे:
शेयर बाजार में हमेशा अपनी योजना से चलना अच्‍छा होता है. शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं तो कभी भी स्टॉक और उनके प्रदर्शन के बारे में अफवाहों पर ध्‍यान न दें और इसके आधार पर निर्णय न लें. अफवाहों से दूर रहना हमेशा अच्‍छा होता है. हमेशा ही ऐसे एक विशेष स्टॉक को खरीदें या बेचे जिसे आप प्रभावित हुए बिना समझते हैं.

ब्रोकर को चुनने में बरतें सावधानी:
जब शेयर बाजार में ट्रेडिंग या निवेश करते हैं, तो आपको ब्रोकर चुनने में बहुत सावधानी बरतनी होती है. हमेशा उनके साथ अपना ट्रेडिंग खाता खोलने से पहले ब्रोकर की पृष्ठभूमि या प्रतिष्ठा की जांच करें. ब्रोकर चुनने में सावधानी बरतने से आपको बाद में किसी तरह की समस्‍या नहीं होगी.

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बनना चाहते हैं शेयर बाजार का 'शेर' तो आसान भाषा में समझें सेंसेक्स और निफ्टी का खेल

अगर आप कम समय में कमाना चाहते हैं ज्यादा पैसा. करना चाहते हैं शेयर बाजार में निवेश तो जानिये शेयर बाजार का गणित. हम आपको बता रहे हैं क्या है शेयर बाजार और कैसे करता है काम. क्या है BSE और NSE. शेयर बाजार में कितना है खतरा. निवेश के लिए क्या है नियम ?

Share market

हैदराबाद: वर्तमान में हर शख्स निवेश और कमाई करना चाहता है, लेकिन वो कहां और कैसे निवेश करें इसकी जानकारी नहीं होती है. कई लोग शेयर बाजार में उतरना चाहते हैं, लेकिन उनके पास शेयर बाजार की समझ नहीं होती है. ऐसे में आज हम आपको शेयर बाजार का सारा गणित बता रहे हैं. जिससे आप आसानी से शेयर बाजार में निवेश और उसके काम करने के तरीकों को जान जाएंगे.

क्या है शेयर बाजार ?
शेयर का मतलब हिस्सा होता है. बाजार खरीद-बिक्री की जगह को कहते हैं. मतलब शेयर बाजार का शाब्दिक अर्थ है हिस्सा खरीदने और बेचने वाली जगह. भारत में दो प्रमुख बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज शेयर बाजार है. शेयर मार्केट यानी शेयर बाजार में रजिस्टर्ड कंपनियां अपनी हिस्सेदारी खरीदती या बेचती है. शेयर खरीदने और बेचने के लिए BSE या NSE का उपयोग किया जाता है. रजिस्टर्ड कंपनियां शेयर ब्रोकर के जरिये हिस्सेदारी बेचती या खरीदती है. शेयर बाजार में कोई इंडिविजुअल व्यक्ति भी शेयर खरीद या बेच सकता है. इसके लिए उसे कुछ शर्तों का पालन करना होता है. शेयर बाजार में घरेलू कंपनियों या व्यक्ति के साथ विदेशी निवेशक भी निवेश कर सकते हैं.

BSE या NSE में कैसे लिस्ट होती है कंपनियां ?
शेयर बाजार में रजिस्टर्ड होने के लिए कंपनियों को एक लिखित समझौता करना पड़ता है. इसके बाद पूंजी बाजार नियामक यानी सेबी (SEBI) के पास कंपनी को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करानी होती है. दस्तावेजों की जांच और सही पाये जाने के बाद कंपनी BSE या NSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज या नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) में लिस्टेड हो जाती है. BSE या NSE में लिस्टेड कंपनी को समय-समय पर अपनी हर गतिविधि को शेयर बाजार में बतानी होती है. इसमें निवेशकों से जुड़ी लाभ-हानि की जानकारी शामिल होती है.

व्यक्तिगत रूप से कैसे ले सकते हैं शेयर ?
कंपनियों के अलावा कोई भी शख्स इंडिविजुअल यानी व्यक्तिगत रूप से शेयर बाजार में निवेश कर सकता है, यानी किसी भी कंपनी का हिस्सेदारी खरीद या खरीदे हुए हिस्सेदारी को बेच सकता है. इसके लिए निवेशक को किसी ब्रोकर की मदद से एक डीमैट अकाउंट खुलवाना होता है. डीमैट अकाउंट खुलने के बाद शख्स को अपने बैंक अकाउंट से डीमैट अकाउंट को लिंक करना होता है. इसके बाद बैंक अकाउंट से डीमैट अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर ब्रोकर की मदद से या खुद किसी कंपनी के शेयर को खरीद सकते हैं. शेयर खरीदते ही वो डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है, इसके बाद शेयर खरीदने वाला शख्स जब भी चाहें ब्रोकर के माध्यम से या खुद से भी उस हिस्सेदारी को बेच सकते हैं.

कैसे काम करता है शेयर बाजार ?
शेयर बाजार एक तरह से आइडिया बेचने का भी जगह है. जैसे किसी शख्स के पास कोई आइडिया है, लेकिन उसके पास पैसे नहीं हैं. ऐसे में वो या तो किसी निवेशक से मदद ले सकता है या सीधे शेयर बाजार में आ सकता है. नई कंपनियों को शेयर बाजार में आने के लिए सेबी (पूंजी बाजार नियामक) की कुछ शर्तों को माननी जरूरी है. शेयर बाजार में सिर्फ नई कंपनी ही नहीं पुरानी कंपनियां भी आ सकती है. शेयर बाजार में आने के बाद लोग या दूसरी कंपनियां उस कंपनी की हिस्सेदारी को खरीदेगी.

शेयर में निवेश कर बन सकते हैं अमीर!
दुनिया में हर कोई अमीर बनना चाहते है. इसके लिए सभी अपने-अपने तरह से प्रयास भी करते हैं. वैसे तो अमीर बनने के कई रास्ते भी होते हैं, लेकिन कई बार ऐसे रास्तों में जोखिम भी ज्यादा होता है. अमीर बनने के लिए शेयर बाजार भी एक रास्ता है. जिससे लोग कम समय में अमीर बन सकते हैं, हालांकि इसमें जोखिम भी है. शेयर बाजार में निवेश करते वक्त किसी को भी काफी सावधान रहना होता है. निवेश से पहले सतर्कता और प्लानिंग की जरूरत होती है. हमेशा एक बेहतर प्लानिंग के साथ किए गए निवेश का अच्छा आउटकम आता है. ऐसे में अगर निवेशक के पास निवेश करने के लिए अच्छी रकम है तो वो अच्छी कमाई भी कर सकता है. शेयर मार्केट का एक नियम कहता है कि थोड़ा-थोड़ा इन्वेस्टमेंट बेहतर रिटर्न की गारंटी देता है.

क्या है सेंसेक्स और निफ्टी ?
शेयर बाजार में हमेशा सेंसेक्स और निफ्टी का जिक्र आता है. दरअसल, सेंसेक्स और निफ्टी इंडेक्स यानी सूचकांक होता है. सेंसेक्स अंग्रेजी के दो शब्द सेंसिटिव और इंडेक्स से बना है. जिसे हिंदी में सूचकांक कहते हैं. कंपनियों की आर्थिक मूल्यांकन सेंसेक्स से ही होता है. सेंसेक्स शेयर बाजार में कंपनियों के वित्तीय हालात का पैमाना होता है. भारत में 30 कंपनियां ही बीएसई में लिस्टेड होती है, जिसका सेंसेक्स अनुमानित होता है. ये कंपनियां स्थाई नहीं होती है. समय-समय पर ये कंपनियां बदलती रहती है. इंडेक्स कमेटी इन 30 कंपनियों का चुनाव करती है.
निफ्टी भी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक होता है. निफ्टी अंग्रेजी के दो शब्द नेशनल और फिफ्टी से मिलकर बना है. इसके तहत 22 अलग-अलग सेक्टर की 50 कंपनियां लिस्टेड होती है. इन 50 कंपनियों के आर्थिक मूल्यांकन निफ्टी सूचकांक से तय होता है. सेंसेक्स और निफ्टी के अलावा भी कई सूचकांक होते हैं. हालांकि भारत में यहीं दोनों सूचकांक महत्वपूर्ण है.

शेयर भाव में क्यों होता है उतार-चढ़ाव?
शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों का सूचकांक बढ़ते-घटते रहता है. इसके पीछे कंपनी के कामकाज के तरीके, नए ऑर्डर मिलने, प्रोडक्ट के नतीजे, कंपनी का मुनाफा पर निर्भर करता है. शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियां हर दिन कारोबार करती है. जिसमें कुछ न कुछ बदलाव होते रहता है. इन्हीं बदलावों पर कंपनियों का मूल्यांकन होता है. कंपनियों के मूल्यांकन के आधार पर उसके शेयर का भाव बढ़ते या घटते रहता है. इन सबके बीच अगर कोई कंपनी सेबी के नियमों या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज या नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की शर्तों के साथ कोई छेड़छाड़ करती है, तो उस कंपनी को लिस्ट से बाहर कर दिया जाता है.

शेयर मार्केट का चार्ट कैसे देखते है? How To Read The Chart Of Share Market?

शेयर मार्केट का चार्ट कैसे देखते है? How To Read The Chart Of Share Market? Chart देखने के लिए प्लेटफार्म, कैंडल को समझना, Bullish Candle, Bearish Candle, Candlestick Pattern, Major Reversal Patterns, Continuation Pattern, Moving Average

साथियों, यह प्रश्न अक्सर नए निवेशकों द्वारा पूछा जाता है जो हाल में Share Market में Entry ले ली है पर उसके बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है की शेयर मार्केट का चार्ट कैसे देखें? उन्हें इसके बारे में पता नहीं होता है कि किस तरह से चार्ट को रीड करें और उसमें निवेश करें। अगर देखा जाए तो चार्ट को समझना बहुत ही आवश्यक है। क्योंकि चार्ट को बिना समझे निवेश करना बिना युद्ध कला के ज्ञान के किसी बड़े योद्धा से लड़ने के बराबर है। इसीलिए शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए आप कुछ शेयर मार्केट को समझना बहुत जरूरी है। इसके बारे में बात करेंगे।

शेयर मार्केट का चार्ट कैसे देखते है? How To Read The Chart Of Share Market?

शेयर बाजार का चार्ट देखने के लिए और समझने के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आपको एक ऐसा प्लेटफार्म चाहिए जहां पर चार्ट को अच्छे से Present किया जाए क्योंकि चार्ट को Read करने से पहले आपके पास वह चार्ट होना बहुत ही आवश्यक है। इसके बाद जब आपके पास चार्ट उपलब्ध है तो आप चार्ट के छोटे इकाई कैंडल को समझना शुरू कीजिए। जब आपको कैंडल समझ में आ जाए और यह भी समझ में आ जाए कि किस तरह से चाट बनता है तो टेक्निकल एनालिसिस का इस्तेमाल करके चार्ट को एनालाइज करना शुरू कीजिए की चार्ट किसी Specific Point से ऊपर जाएगा या फिर नीचे। इन सभी चीजों के बारे में हमने नीचे स्टेप में बताया है, जिसे आप अच्छे से पढ़ सकते हैं।

शेयर मार्केट का चार्ट कैसे देखते है?

Chart देखने के लिए प्लेटफार्म: शेयर मार्केट का चार्ट देखने के लिए आपको सबसे पहले कोई ऐसा प्लेटफार्म चाहिए जहां पर आप चार्ट देख पाए। मैं जो प्लेटफार्म यूज करता हूं और आप सभी को भी रेकमेंड करता हूं वह है tradingview.com यहां पर आप बहुत ही अच्छे तरह से चार्ट को देख पाएंगे और एनालाइज कर पाएंगे।

कैंडल को समझना: आप यह जरूर जानते होंगे की किसी चार्ट को पढ़ने से पहले हमें कैंडल को समझना बहुत शेयर बाजार को कैसे समझें शेयर बाजार को कैसे समझें ही जरूरी है क्योंकि कैंडल चार्ट की सबसे छोटी इकाई है। छोटे-छोटे कैंडल को मिलाकर एक चार्ट का निर्माण होता है। आपको यह बता दे कि कैंडल दो तरह की होती है- 1. Bullish Candle 2. Bearish Candle

Bullish Candle: बुलिश कैंडल सामान्यतः हरी और सफेद रंग की होती है, यह तेजी को दर्शाती है, इसके चार प्रमुख भाग होते हैं Open, Close, Low & High.

Bearish Candle: बियरिश कैंडल सामान्यतः लाल और काली रंग की होती है, यह मंदी को दर्शाती है, इसके चार प्रमुख भाग होते हैं Open, Close, Low & High.

Candlestick Pattern: जब आप कैंडल के बारे में अच्छे से जान और समझ लेते है तो अब आप कैंडलस्टिक पैटर्न के बारे सीखना बहुत आवश्यक है। कैंडलस्टिक पैटर्न बहुत तरह के होते है इसका प्रयोग कर आप शेयर में सबसे पहले एंट्र, एग्जिट, स्टॉपलॉस और टारगेट का अनुमान लगा सकते है।

Major Reversal Patterns: जब आप चार्ट के बारे में बेसिक तरह से रीड करना आ जाये चार्ट अलग अलग टाइम फ्रेम में मेजर रेवेर्सल पैटर्न ढूंढ़ सकते है। इसमें प्रमुख रूप से हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न, इनवर्स हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न, डबल टॉप और डबल बॉटम पैटर्न आते है।

Continuation Pattern: इस चार्ट पैटर्न में same ट्रेंड को continue किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से ट्रैंगुलर, रेक्टंगुलर और फ्लैग एंड पोल चार्ट पैटर्न आते है।

Moving Average: यह एक अच्छा इंडिकेटर है जो अपने पिछले चाल का एवरेज को दर्शाता है। इसमें 50 मूविंग एवरेज, 200 मूविंग एवरेज प्रमुख है।

ऊपर दी गई सभी जानकारियों के आधार पर आप शेयर मार्केट में चार्ट का एनालिसिस कर पाएंगे। इसके लिए प्रमुख रूप से आपको बहुत ही ज्यादा प्रैक्टिस की जरूरत होती है। इसमें हमने कुछ प्रमुख चीजों के बारे में बात किया है। जब आप इतना सीख लेते हैं तो इसके बाद आप चार्ट का एनालिसिस आसानी से कर पाएंगे।

शेयर बाज़ार का चार्ट किस तरह देखते है? FAQ

आर्टिकल के इस भाग में हम कुछ इस आर्टिकल से जुड़ी महत्वपूर्ण सवालों के जवाब जो कुछ नए Investors के मन में अक्षर चल रहे होते है जिसका जवाब मैंने निचे निम्नलिखित प्रकार दर्ज किया है।

क्या शेयर मार्केट से पैसा कमाना संभव है?

Ans. हाँ, परन्तु इसके लिए आपको शेयर को एनालाइज करने का टेक्निकल तथा फंडामेंटल तरीका सीखना होगा।

शेयर बाजार का Chart देखने के लिए कौन से प्लेटफार्म का उपयोग करें?

Ans. Basically, शेयर बाज़ार का Chart देखने के लिए Trending View.in शेयर बाजार को कैसे समझें Website का उपयोग करके हम आसानी से शेयर मार्किट का Chart देख सकते है।

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मेरा नाम Prabhat Kumar Sharma हैं। मुझे लिखना बहुत पसंद है और मुझे Share Market, Cryptocurrency और Business की बहुत अच्छी और गहरी जानकारी है। मैं इस Blog के माध्यम से इस टॉपिक से जुड़े आपके कठिन से कठिन प्रश्नो को एक बेहतरीन और आसान तरीके से लिखकर बताने का प्रयास करता हूँ।

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