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प्रमुख संकेतकों के लाभ

प्रमुख संकेतकों के लाभ
Market Outlook: भारतीय रिजर्व बैंक के ब्याज दरों पर निर्णय से इस सप्ताह मुख्य रूप से भारतीय शेयर बाजारों की दिशा तय होगी. विश्लेषकों ने यह राय जताई है. उनका कहना है कि इसके अलावा ग्लोबल ट्रेंड्स और फॉरेन फंड ट्रेडिंग एक्टिविटी भी बाजार को दिशा देंगी. बाजार निवेशकों की निगाह सप्ताह के दौरान राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों पर भी रहेगी. बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 574.86 अंक या 0.92 प्रतिशत के लाभ में रहा.

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मनमाना और भेदभाव बढ़ाने वाला: ईडब्ल्यूएस कोटा

भारत के मुख्य न्यायाधीश यू.यू. ललित की अध्यक्षता में एक संविधान पीठ इन दिनों 103वें संविधान संशोधन की वैधता की जांच कर रही है। यह संविधान संशोधन अन्य पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों, जिन्हें पहले से ही उच्च शिक्षा संस्थानों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण हासिल है, को छोड़कर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) को 10 फीसदी आरक्षण प्रदान करता है। पीठ ने सुनवाई के लिए अंतिम रूप से तीन मुद्दों को चुना है - क्या इस संशोधन ने सरकार को विशेष प्रावधान करने की अनुमति देकर संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन किया है; क्या यह संशोधन निजी गैर-सहायता प्राप्त संस्थानों में प्रवेश के संबंध में ऐसा करता है और आखिरी, क्या ओबीसी / एससी / एसटी समुदायों को इस कोटा के दायरे से बाहर रखना संविधान के मूल ढांचे को क्षति पहुंचाता है। ये सभी वाजिब सवाल हैं और यह तर्क दिया जा सकता है कि 2019 में आरक्षण का कानून अपनाए जाने वाले मानदंडों का उचित निर्धारण किए बिना जल्दबाजी में लाया गया था। मसलन, कोई व्यक्ति आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से संबंधित है या नहीं, यह निर्धारित करने के लिए आठ लाख रुपये की सालाना पारिवारिक आय की सीमा साफ तौर पर अजीबोगरीब है। अगर एनएसएसओ रिपोर्ट, ‘घरेलू उपभोक्ता व्यय के प्रमुख संकेतक, 2011-12’ जैसे उपलब्ध प्रमुख संकेतकों के लाभ उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षणों पर भरोसा किया जाए, तो न सिर्फ वास्तव में हकदार गरीब व्यक्ति बल्कि आबादी का एक बड़ा हिस्सा “आठ लाख रुपये से कम” वाले ईडब्ल्यूएस श्रेणी में आरक्षण का पात्र होगा। सरकार द्वारा नियुक्त एक समिति ने यह राय दी कि यह सीमा उचित है, लेकिन वह पर्याप्त रूप से यह बता पाने में विफल रही कि ओबीसी क्रीमी लेयर के प्रमुख संकेतकों के लाभ लिए आय के मानदंड “अधिक कठोर” क्यों हैं। इसके अलावा, आठ लाख का यह आंकड़ा आबादी में ईडब्ल्यूएस श्रेणी में आने वाले लोगों की अनुमानित संख्या और उनसे संबंधित आय के किसी भी डेटा के अनुरूप नहीं है।

जरुरी जानकारी | वितरण कंपनियों का तकनीकी-वाणिज्यिक नुकसान 2021-22 में घटकर 17 प्रतिशत पर

जरुरी जानकारी | वितरण कंपनियों का तकनीकी-वाणिज्यिक नुकसान 2021-22 में घटकर 17 प्रतिशत पर

नयी दिल्ली, पांच दिसंबर सरकार के वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की स्थिति में सुधार के लिये उठाये गये कदमों का असर दिखने लगा है। डिस्कॉम का कुल तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान 2021-22 में घटकर 17 प्रतिशत पर आ गया जो इससे बीते वित्त वर्ष में 22 प्रतिशत था।

बिजली मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में यह जानकारी दी।

कुल तकनीकी और वाणिज्यिक (एटी एंड सी) नुकसान में कमी से वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार होता है। इससे वे वितरण प्रणाली का रखरखाव बेहतर तरीके से कर सकती हैं और जरूरत के अनुसार तथा उपभोक्ताओं के लाभ में बिजली खरीद कर सकती हैं।

इन बातों से तय होगी आने वाले हफ्ते में शेयर बाजार की स्थिति, ध्यान से पढ़ लें निवेशक

इन बातों से तय होगी आने वाले हफ्ते में शेयर बाजार की स्थिति, ध्यान से पढ़ लें निवेशक

भारतीय रिजर्व बैंक के ब्याज दरों पर फैसले से इस हफ्ते मुख्य तौर पर स्थानीय शेयर बाजारों की दिशा तय होगी. विश्लेषकों ने यह राय जताई है. उनका कहना है कि इसके अलावा वैश्विक रुझान और विदेशी फंड्स की गतिविधियां भी बाजार को दिशा देंगी. बाजार निवेशकों की निगाह हफ्ते के दौरान राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों पर भी रहेगी. स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा कि वैश्विक संकेतों की वजह से बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा.

विधानसभा चुनावों के नतीजों पर भी रहेगी बाजार की नजर

मीणा ने कहा कि हालांकि, बाजार भागीदारों की निगाह घरेलू संकेतकों मसलन रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के नतीजों और गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों के नतीजों पर भी रहेगी. विधानसभा चुनावों के नतीजे आठ दिसंबर को आएंगे.

मीणा ने आगे बताया कि वैश्विक मोर्चे पर अमेरिका में बॉन्ड पर प्रतिफल और डॉलर इंडेक्स में गिरावट आई है और आगे बाजार की इस पर भी नजर होगी. मैक्रो इकोनॉमी के मोर्चे पर सोमवार को सेवा क्षेत्र के लिए खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) के आंकड़े आएंगे. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा प्रमुख संकेतकों के लाभ शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि निवेशक बेसब्री से विधानसभा चुनावों के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं.

बीते हफ्ते बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 574.86 अंक या 0.92 फीसदी के लाभ में रहा है. सैमको सिक्योरिटीज में बाजार परिदृश्य प्रमुख अपूर्व सेठ का मानना है कि इस हफ्ते शेयर बाजारों के लिए सबसे बड़ा घटनाक्रम रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा है.

रुपये की चाल से भी पड़ेगा असर

कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट-तकनीकी अनुसंधान अमोल अठावले ने कहा कि बाजार के लिए आगे दो प्रमुख घटनाक्रम रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा और दिसंबर के मध्य में होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक है. उन्होंने कहा कि इनसे तय होगा कि करीबी भविष्य में निवेशकों का मूड कैसा रहने वाला है. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ब्रेंट कच्चे तेल के दाम और रुपये का उतार-चढ़ाव भी बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रहेगा.

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बाजार की दिशा रिजर्व बैंक की मौद्रिक बैठक के नतीजे से तय होगी. नायर ने कहा कि ऊंचे मूल्यांकन, फेडरल रिजर्व की बैठक और चीन में कोविड अंकुशों की वजह से आगामी सप्ताहों में बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहेगा.

Betul News: विधायकों ने दिया आश्वासन, दुर्घटनाओं को रोकने के लिए दूर कराएंगे सड़कों की खामियां

Betul News: सड़कों के निर्माण में हुई तकनीकी गड़बड़ी और उसके बाद सुरक्षा के उपाय न किए जाने से अधिकांश दुर्घटनाएं होती हैं। विधायक भलावी ने भरोसा दिलाया कि खामियों को प्राथमिकता से दूर कराने के लिए संबंधित विभागों और कलेक्टर को पत्र लिखा जाएगा।

Betul News: विधायकों ने दिया आश्वासन, दुर्घटनाओं को रोकने के लिए दूर कराएंगे सड़कों की खामियां

Betul News: बैतूल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। सड़कों के निर्माण में हुई तकनीकी गड़बड़ी और उसके बाद सुरक्षा के उपाय न किए जाने से अधिकांश दुर्घटनाएं होती हैं। जिम्मेदार विभागों के द्वारा सुधार करने की जहमत तक नहीं उठाई जा रही है। यह स्थिति जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग, राजमार्ग और जिला स्तरीय मार्गों पर 'नवदुनिया' द्वारा सड़क सुरक्षा अभियान के तहत 350 किमी लंबाई में किए गए आडिट के दौरान सामने आई है। तकनीकी विशेषज्ञों की मौजूदगी में किए गए आडिट में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए छोटे-छोटे प्रयास करने का सुझाव भी दिया गया है।

विधायकों ने दिया आश्वासन

जिले के विधायकों ने भी स्वीकार किया है कि अधिकांश हादसों के पीछे सड़क पर सुरक्षा के साधनों का अभाव ही प्रमुख कारण रहता है। मुलताई विधायक सुखदेव पांसे से अक्षय सोनी के द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर चर्चा की। विधायक पांसे ने बताया कि फोरलेन पर कई ऐसे स्थल हैं जहां लगातार दुर्घटना होने के बावजूद एनएचएआई ने डेंजर जोन घोषित नही किया है। ऐसे स्थलों को सबंधित विभाग के संज्ञान में लाकर वहां तकनीकी तौर पर सुधार कार्य कराए जाएंगे ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके।

विधायक पांसे ने कहा कि परमंडल जोड़ से लेकर खंबारा टोल नाके तक कई स्थल ऐसे हैं जहां भीषण दुर्घटनाएं हुई हैं । फोरलेन मार्ग निर्माण के समय उनके द्वारा मोही पर ब्रिज का मामला रख कर निर्माण कराया गया जिसका लाभ ग्रामीणों को मिला। इसके अलावा वीआईपी स्कूल के सामने दुर्घटनाएं होने से वहां क्रासिंग बंद कराई गई। उन्होंने कहा कि स्टेट हाइवे छिंदवाड़ा मार्ग पर भी दुर्घटनाएं होती है जहां संकेतक का अभाव है इसलिए वे प्रमुखता से दुर्घटना स्थलों के पास संकेतक लगाने का विभाग से कहेंगे। उन्होंने कहा कि फोरलेन मार्ग पर जगह जगह डिवाइडर तोड़ कर लोग मार्ग क्रास कर रहे प्रमुख संकेतकों के लाभ हैं जो खतरनाक है। विभाग द्वारा ऐसे टूटे डिवाइडर की तत्काल मरम्मत करना चाहिए ताकि लोग कहीं से भी रोड क्रास नही कर सकें।

तय नहीं की जाती जवाबदेही

घोड़ाडोंगरी के विधायक ब्रम्हा भलावी ने सचिन शुक्ला से हुई चर्चा में 'नवदुनिया' के सड़क सुरक्षा अभियान की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र की प्रधानमंत्री सड़कों का निर्माण करने के बाद उसकी ओर पलटकर न तो ठेकेदार प्रमुख संकेतकों के लाभ देखता है और न ही अधिकारी। हालत यह है कि अक्सर वाहन हादसे होते हैं लेकिन जवाबदेही तय नहीं की जाती है। उन्होंने कहा कि बैतूल-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग 69 पर बरेठा घाट में रैलिंग जगह-जगह से टूट गई है। अंधे मोड़ पर संकेतक तक नहीं लगाए जा सके हैं। कुछ स्थान तो ऐसे हैं जहां पर पहाड़ी को काटकर मार्ग की चौड़ाई और अंधे मोड़ को खत्म किया जा सकता है। इस संबंध में न तो एनएचएआई के अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई की जा रही है और न प्रशासन चिंता कर रहा है। पाढर से जाखली के पास अंधा मोड़ अक्सर हादसों का कारण बनता है। यहां पर न तो स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं और न ही संकेतक ही लगाए जा सके हैं।

आगे कैसा रहेगा निवेशकों का रूझान?

स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के रिसर्च हेड संतोष मीणा ने कहा, ‘‘वैश्विक संकेतों की वजह से बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा. हालांकि, बाजार भागीदारों की निगाह घरेलू संकेतकों मसलन रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के नतीजों और गुजरात व हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों के नतीजों पर भी रहेगी. विधानसभा चुनावों के नतीजे आठ दिसंबर को आएंगे.’’ मीणा ने कहा कि प्रमुख संकेतकों के लाभ वैश्विक मोर्चे पर अमेरिका में बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स में गिरावट आई है और आगे बाजार की इसपर भी नजर होगी. मैक्रो इकोनॉमिक डाटा पर सोमवार को सर्विस सेक्टर के लिए प्रमुख संकेतकों के लाभ खरीद प्रबंधक सूचकांक (PMI)के आंकड़े आएंगे.

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